19 अप्रैल 2029 को द्वारका का चौघड़िया

गुरुवार, 19 अप्रैल 2029, द्वारका, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 19 अप्रैल 2029 को द्वारका में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (12:47 तक), नक्षत्र मृगशिरा (15:30 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 06:31 पर और सूर्यास्त 19:15 पर है। राहुकाल 14:28 से 16:04 तक है।

दिन और रात
दिन 06:31 – 19:15
रात 06:30 तक
तिथि
पंचमी, 12:47 तक
षष्ठी
नक्षत्र
मृगशिरा, 15:30 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 अप्रैल 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:31 – 08:06शुभ
रोग08:06 – 09:42टालें
उद्वेग09:42 – 11:17टालें
चर11:17 – 12:53सामान्य
लाभ12:53 – 14:28शुभ
अमृत14:28 – 16:04शुभ
काल16:04 – 17:40टालें
शुभ17:40 – 19:15शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत19:15 – 20:40शुभ
चर20:40 – 22:04सामान्य
रोग22:04 – 23:28टालें
काल23:28 – 00:52टालें
लाभ00:52 – 02:17शुभ
उद्वेग02:17 – 03:41टालें
शुभ03:41 – 05:05शुभ
अमृत05:05 – 06:30शुभ

19 अप्रैल 2029 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 12:47 तक
शुक्ल षष्ठी 13:30, 20 अप्रैल तक
नक्षत्र
आर्द्रा 16:46, 20 अप्रैल तक
योग
अतिगंडअशुभ 05:35, 20 अप्रैल तक
सुकर्मा 04:46, 21 अप्रैल तक
करण
बालव 12:47 तक
कौलव 01:13, 20 अप्रैल तक
तैतिल 13:30, 20 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:31
सूर्यास्त
19:15
चंद्रोदय
10:14
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
12h 45m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:00 – 05:45
अभिजीत मुहूर्त
12:27 – 13:18

अशुभ समय

राहुकाल
14:28 – 16:04
यमगंड
06:31 – 08:06
गुलिक काल
09:42 – 11:17

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:3107:34दिन
मंगल07:3408:38दिन
सूर्य08:3809:42दिन
शुक्र09:4210:45दिन
बुध10:4511:49दिन
चंद्र11:4912:53दिन
शनि12:5313:57दिन
गुरु13:5715:00दिन
मंगल15:0016:04दिन
सूर्य16:0417:08दिन
शुक्र17:0818:12दिन
बुध18:1219:15दिन
चंद्र19:1520:11रात
शनि20:1121:08रात
गुरु21:0822:04रात
मंगल22:0423:00रात
सूर्य23:0023:56रात
शुक्र23:5600:52रात
बुध00:5201:49रात
चंद्र01:4902:45रात
शनि02:4503:41रात
गुरु03:4104:37रात
मंगल04:3705:34रात
सूर्य05:3406:30रात

अयनांश 24.2663° (लाहिड़ी)। समय द्वारका (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।