16 सितंबर 2029 को द्वारका का चौघड़िया

रविवार, 16 सितंबर 2029, द्वारका, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 16 सितंबर 2029 को द्वारका में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (17:32 तक), नक्षत्र मूल (09:46 तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 06:41 पर और सूर्यास्त 18:56 पर है। राहुकाल 17:24 से 18:56 तक है।

दिन और रात
दिन 06:41 – 18:56
रात 06:41 तक
तिथि
नवमी, 17:32 तक
दशमी
नक्षत्र
मूल, 09:46 तक
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 सितंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:41 – 08:13टालें
चर08:13 – 09:44सामान्य
लाभ09:44 – 11:16शुभ
अमृत11:16 – 12:48शुभ
काल12:48 – 14:20टालें
शुभ14:20 – 15:52शुभ
रोग15:52 – 17:24टालें
उद्वेग17:24 – 18:56टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:56 – 20:24शुभ
अमृत20:24 – 21:52शुभ
चर21:52 – 23:20सामान्य
रोग23:20 – 00:48टालें
काल00:48 – 02:17टालें
लाभ02:17 – 03:45शुभ
उद्वेग03:45 – 05:13टालें
शुभ05:13 – 06:41शुभ

16 सितंबर 2029 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल नवमी 17:32 तक
शुक्ल दशमी 17:13, 17 सित॰ तक
नक्षत्र
मूल 09:46 तक
पूर्वाषाढ़ा 09:59, 17 सित॰ तक
योग
सौभाग्य 03:47, 17 सित॰ तक
शोभन 02:38, 18 सित॰ तक
करण
कौलव 17:32 तक
तैतिल 05:19, 17 सित॰ तक
गर 17:13, 17 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:41
सूर्यास्त
18:56
चंद्रोदय
14:35
चंद्रास्त
00:43
दिनमान
12h 15m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:07 – 05:54
अभिजीत मुहूर्त
12:24 – 13:13

अशुभ समय

राहुकाल
17:24 – 18:56
यमगंड
12:48 – 14:20
गुलिक काल
15:52 – 17:24

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:4107:42दिन
शुक्र07:4208:43दिन
बुध08:4309:44दिन
चंद्र09:4410:46दिन
शनि10:4611:47दिन
गुरु11:4712:48दिन
मंगल12:4813:50दिन
सूर्य13:5014:51दिन
शुक्र14:5115:52दिन
बुध15:5216:53दिन
चंद्र16:5317:55दिन
शनि17:5518:56दिन
गुरु18:5619:55रात
मंगल19:5520:53रात
सूर्य20:5321:52रात
शुक्र21:5222:51रात
बुध22:5123:50रात
चंद्र23:5000:48रात
शनि00:4801:47रात
गुरु01:4702:46रात
मंगल02:4603:45रात
सूर्य03:4504:43रात
शुक्र04:4305:42रात
बुध05:4206:41रात

अयनांश 24.2721° (लाहिड़ी)। समय द्वारका (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।