17 सितंबर 2029 को द्वारका का चौघड़िया

सोमवार, 17 सितंबर 2029, द्वारका, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 17 सितंबर 2029 को द्वारका में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल दशमी (17:13 तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (09:59 तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 06:41 पर और सूर्यास्त 18:55 पर है। राहुकाल 08:13 से 09:44 तक है।

दिन और रात
दिन 06:41 – 18:55
रात 06:41 तक
तिथि
दशमी, 17:13 तक
एकादशी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 सितंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:41 – 08:13शुभ
काल08:13 – 09:44टालें
शुभ09:44 – 11:16शुभ
रोग11:16 – 12:48टालें
उद्वेग12:48 – 14:20टालें
चर14:20 – 15:51सामान्य
लाभ15:51 – 17:23शुभ
अमृत17:23 – 18:55शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:55 – 20:23सामान्य
रोग20:23 – 21:51टालें
काल21:51 – 23:20टालें
लाभ23:20 – 00:48शुभ
उद्वेग00:48 – 02:16टालें
शुभ02:16 – 03:45शुभ
अमृत03:45 – 05:13शुभ
चर05:13 – 06:41सामान्य

17 सितंबर 2029 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल दशमी 17:13 तक
शुक्ल एकादशी 17:23, 18 सित॰ तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 10:41, 18 सित॰ तक
योग
शोभन 02:38, 18 सित॰ तक
अतिगंडअशुभ 01:51, 19 सित॰ तक
करण
गर 17:13 तक
वणिज 05:15, 18 सित॰ तक
विष्टि (भद्रा) 17:23, 18 सित॰ तक
चंद्र राशि
धनु 16:07 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:41
सूर्यास्त
18:55
चंद्रोदय
15:22
चंद्रास्त
01:43
दिनमान
12h 14m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:07 – 05:54
अभिजीत मुहूर्त
12:23 – 13:12

अशुभ समय

राहुकाल
08:13 – 09:44
यमगंड
11:16 – 12:48
गुलिक काल
14:20 – 15:51

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:4107:42दिन
शनि07:4208:43दिन
गुरु08:4309:44दिन
मंगल09:4410:46दिन
सूर्य10:4611:47दिन
शुक्र11:4712:48दिन
बुध12:4813:49दिन
चंद्र13:4914:50दिन
शनि14:5015:51दिन
गुरु15:5116:53दिन
मंगल16:5317:54दिन
सूर्य17:5418:55दिन
शुक्र18:5519:54रात
बुध19:5420:53रात
चंद्र20:5321:51रात
शनि21:5122:50रात
गुरु22:5023:49रात
मंगल23:4900:48रात
सूर्य00:4801:47रात
शुक्र01:4702:46रात
बुध02:4603:45रात
चंद्र03:4504:44रात
शनि04:4405:42रात
गुरु05:4206:41रात

अयनांश 24.2721° (लाहिड़ी)। समय द्वारका (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।