29 अक्टूबर 2029 को द्वारका का चौघड़िया

सोमवार, 29 अक्टूबर 2029, द्वारका, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 29 अक्टूबर 2029 को द्वारका में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (04:57, 30 अक्टू॰ तक), नक्षत्र पुनर्वसु (22:54 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 06:56 पर और सूर्यास्त 18:18 पर है। राहुकाल 08:21 से 09:47 तक है।

दिन और रात
दिन 06:56 – 18:18
रात 06:57 तक
तिथि
सप्तमी, 04:57 तक
अष्टमी
नक्षत्र
पुनर्वसु, 22:54 तक
पुष्य
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

29 अक्टूबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:56 – 08:21शुभ
काल08:21 – 09:47टालें
शुभ09:47 – 11:12शुभ
रोग11:12 – 12:37टालें
उद्वेग12:37 – 14:02टालें
चर14:02 – 15:28सामान्य
लाभ15:28 – 16:53शुभ
अमृत16:53 – 18:18शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:18 – 19:53सामान्य
रोग19:53 – 21:28टालें
काल21:28 – 23:03टालें
लाभ23:03 – 00:37शुभ
उद्वेग00:37 – 02:12टालें
शुभ02:12 – 03:47शुभ
अमृत03:47 – 05:22शुभ
चर05:22 – 06:57सामान्य

29 अक्टूबर 2029 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 04:57, 30 अक्टू॰ तक
कृष्ण अष्टमी 04:54, 31 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 23:40, 30 अक्टू॰ तक
योग
सिद्ध 13:01 तक
साध्य 12:16, 30 अक्टू॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 16:40 तक
बव 04:57, 30 अक्टू॰ तक
बालव 17:02, 30 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 16:36 तक
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:56
सूर्यास्त
18:18
चंद्रोदय
23:49
चंद्रास्त
12:29
दिनमान
11h 22m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:15 – 06:06
अभिजीत मुहूर्त
12:14 – 13:00

अशुभ समय

राहुकाल
08:21 – 09:47
यमगंड
11:12 – 12:37
गुलिक काल
14:02 – 15:28

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:5607:53दिन
शनि07:5308:50दिन
गुरु08:5009:47दिन
मंगल09:4710:44दिन
सूर्य10:4411:40दिन
शुक्र11:4012:37दिन
बुध12:3713:34दिन
चंद्र13:3414:31दिन
शनि14:3115:28दिन
गुरु15:2816:25दिन
मंगल16:2517:21दिन
सूर्य17:2118:18दिन
शुक्र18:1819:21रात
बुध19:2120:25रात
चंद्र20:2521:28रात
शनि21:2822:31रात
गुरु22:3123:34रात
मंगल23:3400:37रात
सूर्य00:3701:41रात
शुक्र01:4102:44रात
बुध02:4403:47रात
चंद्र03:4704:50रात
शनि04:5005:53रात
गुरु05:5306:57रात

अयनांश 24.2737° (लाहिड़ी)। समय द्वारका (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।