23 नवंबर 2029 को द्वारका का चौघड़िया

शुक्रवार, 23 नवंबर 2029, द्वारका, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 23 नवंबर 2029 को द्वारका में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (13:59 तक), नक्षत्र मृगशिरा (01:04, 24 नव॰ तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 07:11 पर और सूर्यास्त 18:09 पर है। राहुकाल 11:18 से 12:40 तक है।

दिन और रात
दिन 07:11 – 18:09
रात 07:12 तक
तिथि
द्वितीया, 13:59 तक
तृतीया
नक्षत्र
मृगशिरा, 01:04 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 नवंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर07:11 – 08:33सामान्य
लाभ08:33 – 09:55शुभ
अमृत09:55 – 11:18शुभ
काल11:18 – 12:40टालें
शुभ12:40 – 14:02शुभ
रोग14:02 – 15:24टालें
उद्वेग15:24 – 16:47टालें
चर16:47 – 18:09सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:09 – 19:47टालें
काल19:47 – 21:25टालें
लाभ21:25 – 23:02शुभ
उद्वेग23:02 – 00:40टालें
शुभ00:40 – 02:18शुभ
अमृत02:18 – 03:56शुभ
चर03:56 – 05:34सामान्य
रोग05:34 – 07:12टालें

23 नवंबर 2029 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 13:59 तक
कृष्ण तृतीया 15:44, 24 नव॰ तक
नक्षत्र
मृगशिरा 01:04, 24 नव॰ तक
आर्द्रा 03:09, 25 नव॰ तक
योग
सिद्ध 17:26 तक
साध्य 17:39, 24 नव॰ तक
करण
गर 13:59 तक
वणिज 02:54, 24 नव॰ तक
विष्टि (भद्रा) 15:44, 24 नव॰ तक
चंद्र राशि
वृषभ 11:53 तक
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:11
सूर्यास्त
18:09
चंद्रोदय
19:55
चंद्रास्त
08:53
दिनमान
10h 58m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:27 – 06:19
अभिजीत मुहूर्त
12:18 – 13:02

अशुभ समय

राहुकाल
11:18 – 12:40
यमगंड
15:24 – 16:47
गुलिक काल
08:33 – 09:55

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र07:1108:06दिन
बुध08:0609:01दिन
चंद्र09:0109:55दिन
शनि09:5510:50दिन
गुरु10:5011:45दिन
मंगल11:4512:40दिन
सूर्य12:4013:35दिन
शुक्र13:3514:30दिन
बुध14:3015:24दिन
चंद्र15:2416:19दिन
शनि16:1917:14दिन
गुरु17:1418:09दिन
मंगल18:0919:14रात
सूर्य19:1420:19रात
शुक्र20:1921:25रात
बुध21:2522:30रात
चंद्र22:3023:35रात
शनि23:3500:40रात
गुरु00:4001:46रात
मंगल01:4602:51रात
सूर्य02:5103:56रात
शुक्र03:5605:01रात
बुध05:0106:06रात
चंद्र06:0607:12रात

अयनांश 24.2747° (लाहिड़ी)। समय द्वारका (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।