2 अप्रैल 2025 को ईरोड का चौघड़िया

बुधवार, 2 अप्रैल 2025, ईरोड, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 2 अप्रैल 2025 को ईरोड में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (23:50 तक), नक्षत्र कृत्तिका (08:49 तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 06:15 पर और सूर्यास्त 18:30 पर है। राहुकाल 12:22 से 13:54 तक है।

दिन और रात
दिन 06:15 – 18:30
रात 06:14 तक
तिथि
पंचमी, 23:50 तक
षष्ठी
नक्षत्र
रोहिणी
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 अप्रैल 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:15 – 07:47शुभ
अमृत07:47 – 09:19शुभ
काल09:19 – 10:50टालें
शुभ10:50 – 12:22शुभ
रोग12:22 – 13:54टालें
उद्वेग13:54 – 15:26टालें
चर15:26 – 16:58सामान्य
लाभ16:58 – 18:30शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:30 – 19:58टालें
शुभ19:58 – 21:26शुभ
अमृत21:26 – 22:54शुभ
चर22:54 – 00:22सामान्य
रोग00:22 – 01:50टालें
काल01:50 – 03:18टालें
लाभ03:18 – 04:46शुभ
उद्वेग04:46 – 06:14टालें

2 अप्रैल 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 23:50 तक
शुक्ल षष्ठी 21:41, 3 अप्रैल तक
नक्षत्र
रोहिणी 07:02, 3 अप्रैल तक
योग
आयुष्मान 02:49, 3 अप्रैल तक
सौभाग्य 00:01, 4 अप्रैल तक
करण
बव 13:07 तक
बालव 23:50 तक
कौलव 10:41, 3 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:15
सूर्यास्त
18:30
चंद्रोदय
09:20
चंद्रास्त
22:38
दिनमान
12h 15m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:41 – 05:28
अभिजीत मुहूर्त
11:58 – 12:47 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:22 – 13:54
यमगंड
07:47 – 09:19
गुलिक काल
10:50 – 12:22

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:1507:16दिन
चंद्र07:1608:17दिन
शनि08:1709:19दिन
गुरु09:1910:20दिन
मंगल10:2011:21दिन
सूर्य11:2112:22दिन
शुक्र12:2213:23दिन
बुध13:2314:25दिन
चंद्र14:2515:26दिन
शनि15:2616:27दिन
गुरु16:2717:28दिन
मंगल17:2818:30दिन
सूर्य18:3019:28रात
शुक्र19:2820:27रात
बुध20:2721:26रात
चंद्र21:2622:24रात
शनि22:2423:23रात
गुरु23:2300:22रात
मंगल00:2201:21रात
सूर्य01:2102:19रात
शुक्र02:1903:18रात
बुध03:1804:17रात
चंद्र04:1705:15रात
शनि05:1506:14रात

अयनांश 24.2098° (लाहिड़ी)। समय ईरोड (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।