5 सितंबर 2025 को ईरोड का चौघड़िया

शुक्रवार, 5 सितंबर 2025, ईरोड, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 5 सितंबर 2025 को ईरोड में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (03:13, 6 सित॰ तक), नक्षत्र श्रवण (23:38 तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 06:09 पर और सूर्यास्त 18:26 पर है। राहुकाल 10:45 से 12:17 तक है।

दिन और रात
दिन 06:09 – 18:26
रात 06:08 तक
तिथि
त्रयोदशी, 03:13 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
श्रवण, 23:38 तक
धनिष्ठा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:09 – 07:41सामान्य
लाभ07:41 – 09:13शुभ
अमृत09:13 – 10:45शुभ
काल10:45 – 12:17टालें
शुभ12:17 – 13:49शुभ
रोग13:49 – 15:22टालें
उद्वेग15:22 – 16:54टालें
चर16:54 – 18:26सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:26 – 19:54टालें
काल19:54 – 21:22टालें
लाभ21:22 – 22:49शुभ
उद्वेग22:49 – 00:17टालें
शुभ00:17 – 01:45शुभ
अमृत01:45 – 03:13शुभ
चर03:13 – 04:41सामान्य
रोग04:41 – 06:08टालें

5 सितंबर 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 03:13, 6 सित॰ तक
शुक्ल चतुर्दशी 01:41, 7 सित॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 23:38 तक
धनिष्ठा 22:55, 6 सित॰ तक
योग
शोभन 13:52 तक
अतिगंडअशुभ 11:51, 6 सित॰ तक
करण
कौलव 15:46 तक
तैतिल 03:13, 6 सित॰ तक
गर 14:31, 6 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:09
सूर्यास्त
18:26
चंद्रोदय
16:44
चंद्रास्त
03:41
दिनमान
12h 17m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:35 – 05:22
अभिजीत मुहूर्त
11:53 – 12:42

अशुभ समय

राहुकाल
10:45 – 12:17
यमगंड
15:22 – 16:54
गुलिक काल
07:41 – 09:13

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:0907:10दिन
बुध07:1008:11दिन
चंद्र08:1109:13दिन
शनि09:1310:14दिन
गुरु10:1411:16दिन
मंगल11:1612:17दिन
सूर्य12:1713:19दिन
शुक्र13:1914:20दिन
बुध14:2015:22दिन
चंद्र15:2216:23दिन
शनि16:2317:24दिन
गुरु17:2418:26दिन
मंगल18:2619:24रात
सूर्य19:2420:23रात
शुक्र20:2321:22रात
बुध21:2222:20रात
चंद्र22:2023:19रात
शनि23:1900:17रात
गुरु00:1701:16रात
मंगल01:1602:14रात
सूर्य02:1403:13रात
शुक्र03:1304:11रात
बुध04:1105:10रात
चंद्र05:1006:08रात

अयनांश 24.2158° (लाहिड़ी)। समय ईरोड (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।