9 सितंबर 2025 को ईरोड का चौघड़िया

मंगलवार, 9 सितंबर 2025, ईरोड, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 9 सितंबर 2025 को ईरोड में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (18:29 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (18:07 तक) और योग गंड है। सूर्योदय 06:08 पर और सूर्यास्त 18:23 पर है। राहुकाल 15:20 से 16:51 तक है।

दिन और रात
दिन 06:08 – 18:23
रात 06:08 तक
तिथि
द्वितीया, 18:29 तक
तृतीया
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 18:07 तक
रेवती
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

9 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:08 – 07:40टालें
उद्वेग07:40 – 09:12टालें
चर09:12 – 10:44सामान्य
लाभ10:44 – 12:16शुभ
अमृत12:16 – 13:48शुभ
काल13:48 – 15:20टालें
शुभ15:20 – 16:51शुभ
रोग16:51 – 18:23टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:23 – 19:51टालें
लाभ19:51 – 21:20शुभ
उद्वेग21:20 – 22:48टालें
शुभ22:48 – 00:16शुभ
अमृत00:16 – 01:44शुभ
चर01:44 – 03:12सामान्य
रोग03:12 – 04:40टालें
काल04:40 – 06:08टालें

9 सितंबर 2025 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 18:29 तक
कृष्ण तृतीया 15:38, 10 सित॰ तक
नक्षत्र
रेवती 16:03, 10 सित॰ तक
योग
गंडअशुभ 23:58 तक
वृद्धि 20:31, 10 सित॰ तक
करण
तैतिल 07:52 तक
गर 18:29 तक
वणिज 05:04, 10 सित॰ तक
विष्टि (भद्रा) 15:38, 10 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:08
सूर्यास्त
18:23
चंद्रोदय
19:39
चंद्रास्त
07:21
दिनमान
12h 15m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:34 – 05:21
अभिजीत मुहूर्त
11:51 – 12:40

अशुभ समय

राहुकाल
15:20 – 16:51
यमगंड
09:12 – 10:44
गुलिक काल
12:16 – 13:48

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:0807:10दिन
सूर्य07:1008:11दिन
शुक्र08:1109:12दिन
बुध09:1210:13दिन
चंद्र10:1311:15दिन
शनि11:1512:16दिन
गुरु12:1613:17दिन
मंगल13:1714:18दिन
सूर्य14:1815:20दिन
शुक्र15:2016:21दिन
बुध16:2117:22दिन
चंद्र17:2218:23दिन
शनि18:2319:22रात
गुरु19:2220:21रात
मंगल20:2121:20रात
सूर्य21:2022:18रात
शुक्र22:1823:17रात
बुध23:1700:16रात
चंद्र00:1601:15रात
शनि01:1502:13रात
गुरु02:1303:12रात
मंगल03:1204:11रात
सूर्य04:1105:10रात
शुक्र05:1006:08रात

अयनांश 24.2159° (लाहिड़ी)। समय ईरोड (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।