17 सितंबर 2025 को ईरोड का चौघड़िया

बुधवार, 17 सितंबर 2025, ईरोड, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 17 सितंबर 2025 को ईरोड में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (23:40 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (06:26 तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 06:08 पर और सूर्यास्त 18:18 पर है। राहुकाल 12:13 से 13:44 तक है।

दिन और रात
दिन 06:08 – 18:18
रात 06:08 तक
तिथि
एकादशी, 23:40 तक
द्वादशी
नक्षत्र
पुष्य
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:08 – 07:39शुभ
अमृत07:39 – 09:10शुभ
काल09:10 – 10:42टालें
शुभ10:42 – 12:13शुभ
रोग12:13 – 13:44टालें
उद्वेग13:44 – 15:16टालें
चर15:16 – 16:47सामान्य
लाभ16:47 – 18:18शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:18 – 19:47टालें
शुभ19:47 – 21:15शुभ
अमृत21:15 – 22:44शुभ
चर22:44 – 00:13सामान्य
रोग00:13 – 01:42टालें
काल01:42 – 03:10टालें
लाभ03:10 – 04:39शुभ
उद्वेग04:39 – 06:08टालें

17 सितंबर 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 23:40 तक
कृष्ण द्वादशी 23:25, 18 सित॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 06:32, 18 सित॰ तक
योग
परिघअशुभ 22:55 तक
शिव 21:37, 18 सित॰ तक
करण
बव 11:57 तक
बालव 23:40 तक
कौलव 11:29, 18 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:08
सूर्यास्त
18:18
चंद्रोदय
02:05
चंद्रास्त
15:14
दिनमान
12h 10m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:33 – 05:21
अभिजीत मुहूर्त
11:49 – 12:37 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:13 – 13:44
यमगंड
07:39 – 09:10
गुलिक काल
10:42 – 12:13

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:0807:09दिन
चंद्र07:0908:10दिन
शनि08:1009:10दिन
गुरु09:1010:11दिन
मंगल10:1111:12दिन
सूर्य11:1212:13दिन
शुक्र12:1313:14दिन
बुध13:1414:15दिन
चंद्र14:1515:16दिन
शनि15:1616:16दिन
गुरु16:1617:17दिन
मंगल17:1718:18दिन
सूर्य18:1819:17रात
शुक्र19:1720:16रात
बुध20:1621:15रात
चंद्र21:1522:15रात
शनि22:1523:14रात
गुरु23:1400:13रात
मंगल00:1301:12रात
सूर्य01:1202:11रात
शुक्र02:1103:10रात
बुध03:1004:10रात
चंद्र04:1005:09रात
शनि05:0906:08रात

अयनांश 24.2162° (लाहिड़ी)। समय ईरोड (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।