1 अक्टूबर 2025 को ईरोड का चौघड़िया

बुधवार, 1 अक्टूबर 2025, ईरोड, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 1 अक्टूबर 2025 को ईरोड में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (19:01 तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (08:06 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 06:08 पर और सूर्यास्त 18:09 पर है। राहुकाल 12:08 से 13:38 तक है।

दिन और रात
दिन 06:08 – 18:09
रात 06:08 तक
तिथि
नवमी, 19:01 तक
दशमी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:08 – 07:38शुभ
अमृत07:38 – 09:08शुभ
काल09:08 – 10:38टालें
शुभ10:38 – 12:08शुभ
रोग12:08 – 13:38टालें
उद्वेग13:38 – 15:09टालें
चर15:09 – 16:39सामान्य
लाभ16:39 – 18:09शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:09 – 19:39टालें
शुभ19:39 – 21:08शुभ
अमृत21:08 – 22:38शुभ
चर22:38 – 00:08सामान्य
रोग00:08 – 01:38टालें
काल01:38 – 03:08टालें
लाभ03:08 – 04:38शुभ
उद्वेग04:38 – 06:08टालें

1 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल नवमी 19:01 तक
शुक्ल दशमी 19:11, 2 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 09:13, 2 अक्टू॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 00:33, 2 अक्टू॰ तक
सुकर्मा 23:28, 2 अक्टू॰ तक
करण
बालव 06:39 तक
कौलव 19:01 तक
तैतिल 07:12, 2 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
धनु 14:27 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:08
सूर्यास्त
18:09
चंद्रोदय
13:46
चंद्रास्त
00:32
दिनमान
12h 1m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:32 – 05:20
अभिजीत मुहूर्त
11:44 – 12:32 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:08 – 13:38
यमगंड
07:38 – 09:08
गुलिक काल
10:38 – 12:08

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:0807:08दिन
चंद्र07:0808:08दिन
शनि08:0809:08दिन
गुरु09:0810:08दिन
मंगल10:0811:08दिन
सूर्य11:0812:08दिन
शुक्र12:0813:08दिन
बुध13:0814:08दिन
चंद्र14:0815:09दिन
शनि15:0916:09दिन
गुरु16:0917:09दिन
मंगल17:0918:09दिन
सूर्य18:0919:09रात
शुक्र19:0920:09रात
बुध20:0921:08रात
चंद्र21:0822:08रात
शनि22:0823:08रात
गुरु23:0800:08रात
मंगल00:0801:08रात
सूर्य01:0802:08रात
शुक्र02:0803:08रात
बुध03:0804:08रात
चंद्र04:0805:08रात
शनि05:0806:08रात

अयनांश 24.2167° (लाहिड़ी)। समय ईरोड (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।