7 अक्टूबर 2025 को ईरोड का चौघड़िया

मंगलवार, 7 अक्टूबर 2025, ईरोड, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 7 अक्टूबर 2025 को ईरोड में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (09:17 तक), नक्षत्र रेवती (01:28, 8 अक्टू॰ तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 06:08 पर और सूर्यास्त 18:05 पर है। राहुकाल 15:06 से 16:35 तक है।

दिन और रात
दिन 06:08 – 18:05
रात 06:08 तक
तिथि
प्रतिपदा, 05:53 तक
नक्षत्र
रेवती, 01:28 तक
अश्विनी
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:08 – 07:37टालें
उद्वेग07:37 – 09:07टालें
चर09:07 – 10:37सामान्य
लाभ10:37 – 12:06शुभ
अमृत12:06 – 13:36शुभ
काल13:36 – 15:06टालें
शुभ15:06 – 16:35शुभ
रोग16:35 – 18:05टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:05 – 19:35टालें
लाभ19:35 – 21:06शुभ
उद्वेग21:06 – 22:36टालें
शुभ22:36 – 00:06शुभ
अमृत00:06 – 01:37शुभ
चर01:37 – 03:07सामान्य
रोग03:07 – 04:37टालें
काल04:37 – 06:08टालें

7 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
पूर्णिमा 09:17 तक
कृष्ण प्रतिपदा 05:53, 8 अक्टू॰ तक
कृष्ण द्वितीया 02:23, 9 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
रेवती 01:28, 8 अक्टू॰ तक
अश्विनी 22:44, 8 अक्टू॰ तक
योग
ध्रुव 09:31 तक
व्याघातअशुभ 05:35, 8 अक्टू॰ तक
हर्षण 01:32, 9 अक्टू॰ तक
करण
बव 09:17 तक
बालव 19:37 तक
कौलव 05:53, 8 अक्टू॰ तक
तैतिल 16:08, 8 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
मीन 01:28, 8 अक्टू॰ तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:08
सूर्यास्त
18:05
चंद्रोदय
18:14
चंद्रास्त
06:01
दिनमान
11h 58m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:31 – 05:19
अभिजीत मुहूर्त
11:42 – 12:30

अशुभ समय

राहुकाल
15:06 – 16:35
यमगंड
09:07 – 10:37
गुलिक काल
12:06 – 13:36

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:0807:07दिन
सूर्य07:0708:07दिन
शुक्र08:0709:07दिन
बुध09:0710:07दिन
चंद्र10:0711:07दिन
शनि11:0712:06दिन
गुरु12:0613:06दिन
मंगल13:0614:06दिन
सूर्य14:0615:06दिन
शुक्र15:0616:06दिन
बुध16:0617:05दिन
चंद्र17:0518:05दिन
शनि18:0519:05रात
गुरु19:0520:06रात
मंगल20:0621:06रात
सूर्य21:0622:06रात
शुक्र22:0623:06रात
बुध23:0600:06रात
चंद्र00:0601:07रात
शनि01:0702:07रात
गुरु02:0703:07रात
मंगल03:0704:07रात
सूर्य04:0705:07रात
शुक्र05:0706:08रात

अयनांश 24.2170° (लाहिड़ी)। समय ईरोड (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।