14 फ़रवरी 2026 को ईरोड का चौघड़िया

शनिवार, 14 फ़रवरी 2026, ईरोड, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 14 फ़रवरी 2026 को ईरोड में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (16:02 तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (18:16 तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 06:40 पर और सूर्यास्त 18:26 पर है। राहुकाल 09:36 से 11:05 तक है।

दिन और रात
दिन 06:40 – 18:26
रात 06:40 तक
तिथि
द्वादशी, 16:02 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा, 18:16 तक
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 फ़रवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:40 – 08:08टालें
शुभ08:08 – 09:36शुभ
रोग09:36 – 11:05टालें
उद्वेग11:05 – 12:33टालें
चर12:33 – 14:01सामान्य
लाभ14:01 – 15:29शुभ
अमृत15:29 – 16:57शुभ
काल16:57 – 18:26टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:26 – 19:57शुभ
उद्वेग19:57 – 21:29टालें
शुभ21:29 – 23:01शुभ
अमृत23:01 – 00:33शुभ
चर00:33 – 02:04सामान्य
रोग02:04 – 03:36टालें
काल03:36 – 05:08टालें
लाभ05:08 – 06:40शुभ

14 फ़रवरी 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 16:02 तक
कृष्ण त्रयोदशी 17:05, 15 फ़र॰ तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 19:48, 15 फ़र॰ तक
योग
सिद्धि 03:17, 15 फ़र॰ तक
व्यतीपातअशुभ 02:46, 16 फ़र॰ तक
करण
तैतिल 16:02 तक
गर 04:38, 15 फ़र॰ तक
वणिज 17:05, 15 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
धनु 00:42, 15 फ़र॰ तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:40
सूर्यास्त
18:26
चंद्रोदय
04:08
चंद्रास्त
15:45
दिनमान
11h 46m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:02 – 05:51
अभिजीत मुहूर्त
12:09 – 12:56

अशुभ समय

राहुकाल
09:36 – 11:05
यमगंड
14:01 – 15:29
गुलिक काल
06:40 – 08:08

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:4007:39दिन
गुरु07:3908:38दिन
मंगल08:3809:36दिन
सूर्य09:3610:35दिन
शुक्र10:3511:34दिन
बुध11:3412:33दिन
चंद्र12:3313:32दिन
शनि13:3214:30दिन
गुरु14:3015:29दिन
मंगल15:2916:28दिन
सूर्य16:2817:27दिन
शुक्र17:2718:26दिन
बुध18:2619:27रात
चंद्र19:2720:28रात
शनि20:2821:29रात
गुरु21:2922:30रात
मंगल22:3023:31रात
सूर्य23:3100:33रात
शुक्र00:3301:34रात
बुध01:3402:35रात
चंद्र02:3503:36रात
शनि03:3604:37रात
गुरु04:3705:38रात
मंगल05:3806:40रात

अयनांश 24.2219° (लाहिड़ी)। समय ईरोड (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।