3 मार्च 2026 को ईरोड का चौघड़िया

मंगलवार, 3 मार्च 2026, ईरोड, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 3 मार्च 2026 को ईरोड में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (17:07 तक), नक्षत्र मघा (07:31 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 06:33 पर और सूर्यास्त 18:28 पर है। राहुकाल 15:30 से 16:59 तक है।

दिन और रात
दिन 06:33 – 18:28
रात 06:32 तक
तिथि
पूर्णिमा, 17:07 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 मार्च 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:33 – 08:02टालें
उद्वेग08:02 – 09:32टालें
चर09:32 – 11:01सामान्य
लाभ11:01 – 12:31शुभ
अमृत12:31 – 14:00शुभ
काल14:00 – 15:30टालें
शुभ15:30 – 16:59शुभ
रोग16:59 – 18:28टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:28 – 19:59टालें
लाभ19:59 – 21:29शुभ
उद्वेग21:29 – 23:00टालें
शुभ23:00 – 00:30शुभ
अमृत00:30 – 02:01शुभ
चर02:01 – 03:31सामान्य
रोग03:31 – 05:02टालें
काल05:02 – 06:32टालें

3 मार्च 2026 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
पूर्णिमा 17:07 तक
कृष्ण प्रतिपदा 16:49, 4 मार्च तक
नक्षत्र
मघा 07:31 तक
पूर्वा फाल्गुनी 07:39, 4 मार्च तक
योग
सुकर्मा 10:24 तक
धृति 08:52, 4 मार्च तक
करण
बव 17:07 तक
बालव 04:54, 4 मार्च तक
कौलव 16:49, 4 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:33
सूर्यास्त
18:28
चंद्रोदय
18:28
चंद्रास्त
06:17
दिनमान
11h 56m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:56 – 05:44
अभिजीत मुहूर्त
12:07 – 12:54

अशुभ समय

राहुकाल
15:30 – 16:59
यमगंड
09:32 – 11:01
गुलिक काल
12:31 – 14:00

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:3307:32दिन
सूर्य07:3208:32दिन
शुक्र08:3209:32दिन
बुध09:3210:31दिन
चंद्र10:3111:31दिन
शनि11:3112:31दिन
गुरु12:3113:30दिन
मंगल13:3014:30दिन
सूर्य14:3015:30दिन
शुक्र15:3016:29दिन
बुध16:2917:29दिन
चंद्र17:2918:28दिन
शनि18:2819:29रात
गुरु19:2920:29रात
मंगल20:2921:29रात
सूर्य21:2922:30रात
शुक्र22:3023:30रात
बुध23:3000:30रात
चंद्र00:3001:31रात
शनि01:3102:31रात
गुरु02:3103:31रात
मंगल03:3104:32रात
सूर्य04:3205:32रात
शुक्र05:3206:32रात

अयनांश 24.2226° (लाहिड़ी)। समय ईरोड (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।