24 नवंबर 2026 को ईरोड का चौघड़िया

मंगलवार, 24 नवंबर 2026, ईरोड, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 24 नवंबर 2026 को ईरोड में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (20:23 तक), नक्षत्र कृत्तिका (23:25 तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 06:19 पर और सूर्यास्त 17:52 पर है। राहुकाल 14:58 से 16:25 तक है।

दिन और रात
दिन 06:19 – 17:52
रात 06:19 तक
तिथि
पूर्णिमा, 20:23 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
कृत्तिका, 23:25 तक
रोहिणी
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:19 – 07:45टालें
उद्वेग07:45 – 09:12टालें
चर09:12 – 10:39सामान्य
लाभ10:39 – 12:05शुभ
अमृत12:05 – 13:32शुभ
काल13:32 – 14:58टालें
शुभ14:58 – 16:25शुभ
रोग16:25 – 17:52टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:52 – 19:25टालें
लाभ19:25 – 20:59शुभ
उद्वेग20:59 – 22:32टालें
शुभ22:32 – 00:05शुभ
अमृत00:05 – 01:39शुभ
चर01:39 – 03:12सामान्य
रोग03:12 – 04:46टालें
काल04:46 – 06:19टालें

24 नवंबर 2026 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
पूर्णिमा 20:23 तक
कृष्ण प्रतिपदा 16:50, 25 नव॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 20:36, 25 नव॰ तक
योग
परिघअशुभ 16:05 तक
शिव 11:59, 25 नव॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 10:05 तक
बव 20:23 तक
बालव 06:38, 25 नव॰ तक
चंद्र राशि
मेष 07:24 तक
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:19
सूर्यास्त
17:52
चंद्रोदय
17:33
चंद्रास्त
05:44
दिनमान
11h 33m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:39 – 05:29
अभिजीत मुहूर्त
11:42 – 12:28

अशुभ समय

राहुकाल
14:58 – 16:25
यमगंड
09:12 – 10:39
गुलिक काल
12:05 – 13:32

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:1907:16दिन
सूर्य07:1608:14दिन
शुक्र08:1409:12दिन
बुध09:1210:10दिन
चंद्र10:1011:07दिन
शनि11:0712:05दिन
गुरु12:0513:03दिन
मंगल13:0314:01दिन
सूर्य14:0114:58दिन
शुक्र14:5815:56दिन
बुध15:5616:54दिन
चंद्र16:5417:52दिन
शनि17:5218:54रात
गुरु18:5419:56रात
मंगल19:5620:59रात
सूर्य20:5922:01रात
शुक्र22:0123:03रात
बुध23:0300:05रात
चंद्र00:0501:08रात
शनि01:0802:10रात
गुरु02:1003:12रात
मंगल03:1204:15रात
सूर्य04:1505:17रात
शुक्र05:1706:19रात

अयनांश 24.2328° (लाहिड़ी)। समय ईरोड (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।