10 मार्च 2027 को ईरोड का चौघड़िया

बुधवार, 10 मार्च 2027, ईरोड, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 10 मार्च 2027 को ईरोड में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (15:53 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (10:52 तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 06:29 पर और सूर्यास्त 18:29 पर है। राहुकाल 12:29 से 13:59 तक है।

दिन और रात
दिन 06:29 – 18:29
रात 06:28 तक
तिथि
द्वितीया, 15:53 तक
तृतीया
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 10:52 तक
रेवती
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 मार्च 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:29 – 07:59शुभ
अमृत07:59 – 09:29शुभ
काल09:29 – 10:59टालें
शुभ10:59 – 12:29शुभ
रोग12:29 – 13:59टालें
उद्वेग13:59 – 15:29टालें
चर15:29 – 16:59सामान्य
लाभ16:59 – 18:29शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:29 – 19:59टालें
शुभ19:59 – 21:29शुभ
अमृत21:29 – 22:59शुभ
चर22:59 – 00:29सामान्य
रोग00:29 – 01:59टालें
काल01:59 – 03:29टालें
लाभ03:29 – 04:59शुभ
उद्वेग04:59 – 06:28टालें

10 मार्च 2027 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 15:53 तक
शुक्ल तृतीया 15:37, 11 मार्च तक
नक्षत्र
रेवती 11:20, 11 मार्च तक
योग
शुक्ल 00:50, 11 मार्च तक
ब्रह्म 23:22, 11 मार्च तक
करण
कौलव 15:53 तक
तैतिल 03:48, 11 मार्च तक
गर 15:37, 11 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:29
सूर्यास्त
18:29
चंद्रोदय
07:30
चंद्रास्त
20:06
दिनमान
12h 0m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:53 – 05:41
अभिजीत मुहूर्त
12:05 – 12:53 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:29 – 13:59
यमगंड
07:59 – 09:29
गुलिक काल
10:59 – 12:29

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:2907:29दिन
चंद्र07:2908:29दिन
शनि08:2909:29दिन
गुरु09:2910:29दिन
मंगल10:2911:29दिन
सूर्य11:2912:29दिन
शुक्र12:2913:29दिन
बुध13:2914:29दिन
चंद्र14:2915:29दिन
शनि15:2916:29दिन
गुरु16:2917:29दिन
मंगल17:2918:29दिन
सूर्य18:2919:29रात
शुक्र19:2920:29रात
बुध20:2921:29रात
चंद्र21:2922:29रात
शनि22:2923:29रात
गुरु23:2900:29रात
मंगल00:2901:29रात
सूर्य01:2902:29रात
शुक्र02:2903:29रात
बुध03:2904:29रात
चंद्र04:2905:29रात
शनि05:2906:28रात

अयनांश 24.2368° (लाहिड़ी)। समय ईरोड (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।