22 मार्च 2027 को ईरोड का चौघड़िया

सोमवार, 22 मार्च 2027, ईरोड, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 22 मार्च 2027 को ईरोड में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (16:13 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (20:46 तक) और योग गंड है। सूर्योदय 06:22 पर और सूर्यास्त 18:29 पर है। राहुकाल 07:53 से 09:24 तक है।

दिन और रात
दिन 06:22 – 18:29
रात 06:21 तक
तिथि
पूर्णिमा, 16:13 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी, 20:46 तक
हस्त
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 मार्च 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:22 – 07:53शुभ
काल07:53 – 09:24टालें
शुभ09:24 – 10:55शुभ
रोग10:55 – 12:26टालें
उद्वेग12:26 – 13:57टालें
चर13:57 – 15:28सामान्य
लाभ15:28 – 16:58शुभ
अमृत16:58 – 18:29शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:29 – 19:58सामान्य
रोग19:58 – 21:27टालें
काल21:27 – 22:56टालें
लाभ22:56 – 00:25शुभ
उद्वेग00:25 – 01:54टालें
शुभ01:54 – 03:23शुभ
अमृत03:23 – 04:52शुभ
चर04:52 – 06:21सामान्य

22 मार्च 2027 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
पूर्णिमा 16:13 तक
कृष्ण प्रतिपदा 14:28, 23 मार्च तक
नक्षत्र
हस्त 19:49, 23 मार्च तक
योग
गंडअशुभ 14:04 तक
वृद्धि 11:27, 23 मार्च तक
करण
बव 16:13 तक
बालव 03:17, 23 मार्च तक
कौलव 14:28, 23 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:22
सूर्यास्त
18:29
चंद्रोदय
18:29
चंद्रास्त
05:59
दिनमान
12h 8m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:47 – 05:34
अभिजीत मुहूर्त
12:01 – 12:50

अशुभ समय

राहुकाल
07:53 – 09:24
यमगंड
10:55 – 12:26
गुलिक काल
13:57 – 15:28

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:2207:23दिन
शनि07:2308:23दिन
गुरु08:2309:24दिन
मंगल09:2410:24दिन
सूर्य10:2411:25दिन
शुक्र11:2512:26दिन
बुध12:2613:26दिन
चंद्र13:2614:27दिन
शनि14:2715:28दिन
गुरु15:2816:28दिन
मंगल16:2817:29दिन
सूर्य17:2918:29दिन
शुक्र18:2919:29रात
बुध19:2920:28रात
चंद्र20:2821:27रात
शनि21:2722:27रात
गुरु22:2723:26रात
मंगल23:2600:25रात
सूर्य00:2501:25रात
शुक्र01:2502:24रात
बुध02:2403:23रात
चंद्र03:2304:23रात
शनि04:2305:22रात
गुरु05:2206:21रात

अयनांश 24.2373° (लाहिड़ी)। समय ईरोड (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।