25 अप्रैल 2027 को ईरोड का चौघड़िया

रविवार, 25 अप्रैल 2027, ईरोड, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 25 अप्रैल 2027 को ईरोड में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (07:37, 26 अप्रैल तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (08:57 तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 06:03 पर और सूर्यास्त 18:31 पर है। राहुकाल 16:57 से 18:31 तक है।

दिन और रात
दिन 06:03 – 18:31
रात 06:02 तक
तिथि
पंचमी
नक्षत्र
मूल
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 अप्रैल 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:03 – 07:36टालें
चर07:36 – 09:10सामान्य
लाभ09:10 – 10:43शुभ
अमृत10:43 – 12:17शुभ
काल12:17 – 13:50टालें
शुभ13:50 – 15:24शुभ
रोग15:24 – 16:57टालें
उद्वेग16:57 – 18:31टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:31 – 19:57शुभ
अमृत19:57 – 21:24शुभ
चर21:24 – 22:50सामान्य
रोग22:50 – 00:16टालें
काल00:16 – 01:43टालें
लाभ01:43 – 03:09शुभ
उद्वेग03:09 – 04:36टालें
शुभ04:36 – 06:02शुभ

25 अप्रैल 2027 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 07:37, 26 अप्रैल तक
नक्षत्र
मूल 11:30, 26 अप्रैल तक
योग
परिघअशुभ 14:11 तक
शिव 14:48, 26 अप्रैल तक
करण
कौलव 18:35 तक
तैतिल 07:37, 26 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:03
सूर्यास्त
18:31
चंद्रोदय
22:34
चंद्रास्त
09:17
दिनमान
12h 28m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:30 – 05:16
अभिजीत मुहूर्त
11:52 – 12:42

अशुभ समय

राहुकाल
16:57 – 18:31
यमगंड
12:17 – 13:50
गुलिक काल
15:24 – 16:57

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:0307:05दिन
शुक्र07:0508:07दिन
बुध08:0709:10दिन
चंद्र09:1010:12दिन
शनि10:1211:14दिन
गुरु11:1412:17दिन
मंगल12:1713:19दिन
सूर्य13:1914:21दिन
शुक्र14:2115:24दिन
बुध15:2416:26दिन
चंद्र16:2617:29दिन
शनि17:2918:31दिन
गुरु18:3119:28रात
मंगल19:2820:26रात
सूर्य20:2621:24रात
शुक्र21:2422:21रात
बुध22:2123:19रात
चंद्र23:1900:16रात
शनि00:1601:14रात
गुरु01:1402:12रात
मंगल02:1203:09रात
सूर्य03:0904:07रात
शुक्र04:0705:04रात
बुध05:0406:02रात

अयनांश 24.2386° (लाहिड़ी)। समय ईरोड (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।