25 अगस्त 2027 को ईरोड का चौघड़िया

बुधवार, 25 अगस्त 2027, ईरोड, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 25 अगस्त 2027 को ईरोड में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण अष्टमी (19:20 तक), नक्षत्र कृत्तिका (12:28 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 06:09 पर और सूर्यास्त 18:33 पर है। राहुकाल 12:21 से 13:54 तक है।

दिन और रात
दिन 06:09 – 18:33
रात 06:09 तक
तिथि
अष्टमी, 19:20 तक
नवमी
नक्षत्र
कृत्तिका, 12:28 तक
रोहिणी
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 अगस्त 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:09 – 07:42शुभ
अमृत07:42 – 09:15शुभ
काल09:15 – 10:48टालें
शुभ10:48 – 12:21शुभ
रोग12:21 – 13:54टालें
उद्वेग13:54 – 15:27टालें
चर15:27 – 17:00सामान्य
लाभ17:00 – 18:33शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:33 – 20:00टालें
शुभ20:00 – 21:27शुभ
अमृत21:27 – 22:54शुभ
चर22:54 – 00:21सामान्य
रोग00:21 – 01:48टालें
काल01:48 – 03:15टालें
लाभ03:15 – 04:42शुभ
उद्वेग04:42 – 06:09टालें

25 अगस्त 2027 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण अष्टमी 19:20 तक
कृष्ण नवमी 17:39, 26 अग॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 11:42, 26 अग॰ तक
योग
व्याघातअशुभ 21:49 तक
हर्षण 19:21, 26 अग॰ तक
करण
बालव 07:57 तक
कौलव 19:20 तक
तैतिल 06:34, 26 अग॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:09
सूर्यास्त
18:33
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
12:32
दिनमान
12h 24m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:36 – 05:22
अभिजीत मुहूर्त
11:56 – 12:46 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:21 – 13:54
यमगंड
07:42 – 09:15
गुलिक काल
10:48 – 12:21

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:0907:11दिन
चंद्र07:1108:13दिन
शनि08:1309:15दिन
गुरु09:1510:17दिन
मंगल10:1711:19दिन
सूर्य11:1912:21दिन
शुक्र12:2113:23दिन
बुध13:2314:25दिन
चंद्र14:2515:27दिन
शनि15:2716:29दिन
गुरु16:2917:31दिन
मंगल17:3118:33दिन
सूर्य18:3319:31रात
शुक्र19:3120:29रात
बुध20:2921:27रात
चंद्र21:2722:25रात
शनि22:2523:23रात
गुरु23:2300:21रात
मंगल00:2101:19रात
सूर्य01:1902:17रात
शुक्र02:1703:15रात
बुध03:1504:13रात
चंद्र04:1305:11रात
शनि05:1106:09रात

अयनांश 24.2433° (लाहिड़ी)। समय ईरोड (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।