12 नवंबर 2027 को ईरोड का चौघड़िया

शुक्रवार, 12 नवंबर 2027, ईरोड, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 12 नवंबर 2027 को ईरोड में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (10:21 तक), नक्षत्र रेवती (07:55 तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 06:14 पर और सूर्यास्त 17:52 पर है। राहुकाल 10:35 से 12:03 तक है।

दिन और रात
दिन 06:14 – 17:52
रात 06:14 तक
तिथि
त्रयोदशी, 10:21 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
अश्विनी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 नवंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:14 – 07:41सामान्य
लाभ07:41 – 09:08शुभ
अमृत09:08 – 10:35शुभ
काल10:35 – 12:03टालें
शुभ12:03 – 13:30शुभ
रोग13:30 – 14:57टालें
उद्वेग14:57 – 16:24टालें
चर16:24 – 17:52सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:52 – 19:24टालें
काल19:24 – 20:57टालें
लाभ20:57 – 22:30शुभ
उद्वेग22:30 – 00:03टालें
शुभ00:03 – 01:36शुभ
अमृत01:36 – 03:08शुभ
चर03:08 – 04:41सामान्य
रोग04:41 – 06:14टालें

12 नवंबर 2027 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 10:21 तक
शुक्ल चतुर्दशी 09:55, 13 नव॰ तक
नक्षत्र
रेवती 07:55 तक
अश्विनी 08:10, 13 नव॰ तक
योग
सिद्धि 21:42 तक
व्यतीपातअशुभ 19:58, 13 नव॰ तक
करण
तैतिल 10:21 तक
गर 22:13 तक
वणिज 09:55, 13 नव॰ तक
चंद्र राशि
मीन 07:55 तक
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:14
सूर्यास्त
17:52
चंद्रोदय
16:21
चंद्रास्त
04:21
दिनमान
11h 38m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:35 – 05:24
अभिजीत मुहूर्त
11:39 – 12:26

अशुभ समय

राहुकाल
10:35 – 12:03
यमगंड
14:57 – 16:24
गुलिक काल
07:41 – 09:08

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:1407:12दिन
बुध07:1208:10दिन
चंद्र08:1009:08दिन
शनि09:0810:06दिन
गुरु10:0611:04दिन
मंगल11:0412:03दिन
सूर्य12:0313:01दिन
शुक्र13:0113:59दिन
बुध13:5914:57दिन
चंद्र14:5715:55दिन
शनि15:5516:53दिन
गुरु16:5317:52दिन
मंगल17:5218:53रात
सूर्य18:5319:55रात
शुक्र19:5520:57रात
बुध20:5721:59रात
चंद्र21:5923:01रात
शनि23:0100:03रात
गुरु00:0301:05रात
मंगल01:0502:07रात
सूर्य02:0703:08रात
शुक्र03:0804:10रात
बुध04:1005:12रात
चंद्र05:1206:14रात

अयनांश 24.2463° (लाहिड़ी)। समय ईरोड (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।