14 दिसंबर 2027 को ईरोड का चौघड़िया

मंगलवार, 14 दिसंबर 2027, ईरोड, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 14 दिसंबर 2027 को ईरोड में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (19:01 तक), नक्षत्र मृगशिरा (13:25 तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 06:29 पर और सूर्यास्त 17:57 पर है। राहुकाल 15:05 से 16:31 तक है।

दिन और रात
दिन 06:29 – 17:57
रात 06:29 तक
तिथि
प्रतिपदा, 19:01 तक
द्वितीया
नक्षत्र
मृगशिरा, 13:25 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 दिसंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:29 – 07:55टालें
उद्वेग07:55 – 09:21टालें
चर09:21 – 10:47सामान्य
लाभ10:47 – 12:13शुभ
अमृत12:13 – 13:39शुभ
काल13:39 – 15:05टालें
शुभ15:05 – 16:31शुभ
रोग16:31 – 17:57टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:57 – 19:31टालें
लाभ19:31 – 21:05शुभ
उद्वेग21:05 – 22:39टालें
शुभ22:39 – 00:13शुभ
अमृत00:13 – 01:47शुभ
चर01:47 – 03:21सामान्य
रोग03:21 – 04:55टालें
काल04:55 – 06:29टालें

14 दिसंबर 2027 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 19:01 तक
कृष्ण द्वितीया 16:13, 15 दिस॰ तक
नक्षत्र
आर्द्रा 11:21, 15 दिस॰ तक
योग
शुभ 16:46 तक
शुक्ल 13:15, 15 दिस॰ तक
करण
बालव 08:22 तक
कौलव 19:01 तक
तैतिल 05:38, 15 दिस॰ तक
गर 16:13, 15 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:29
सूर्यास्त
17:57
चंद्रोदय
18:43
चंद्रास्त
06:57
दिनमान
11h 28m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:49 – 05:39
अभिजीत मुहूर्त
11:50 – 12:36

अशुभ समय

राहुकाल
15:05 – 16:31
यमगंड
09:21 – 10:47
गुलिक काल
12:13 – 13:39

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:2907:26दिन
सूर्य07:2608:24दिन
शुक्र08:2409:21दिन
बुध09:2110:18दिन
चंद्र10:1811:16दिन
शनि11:1612:13दिन
गुरु12:1313:10दिन
मंगल13:1014:08दिन
सूर्य14:0815:05दिन
शुक्र15:0516:02दिन
बुध16:0217:00दिन
चंद्र17:0017:57दिन
शनि17:5719:00रात
गुरु19:0020:02रात
मंगल20:0221:05रात
सूर्य21:0522:08रात
शुक्र22:0823:11रात
बुध23:1100:13रात
चंद्र00:1301:16रात
शनि01:1602:19रात
गुरु02:1903:21रात
मंगल03:2104:24रात
सूर्य04:2405:27रात
शुक्र05:2706:29रात

अयनांश 24.2475° (लाहिड़ी)। समय ईरोड (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।