12 अगस्त 2028 को ईरोड का चौघड़िया

शनिवार, 12 अगस्त 2028, ईरोड, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 12 अगस्त 2028 को ईरोड में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (04:43, 13 अग॰ तक), नक्षत्र अश्विनी (14:46 तक) और योग गंड है। सूर्योदय 06:08 पर और सूर्यास्त 18:39 पर है। राहुकाल 09:16 से 10:50 तक है।

दिन और रात
दिन 06:08 – 18:39
रात 06:08 तक
तिथि
सप्तमी, 04:43 तक
अष्टमी
नक्षत्र
अश्विनी, 14:46 तक
भरणी
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 अगस्त 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:08 – 07:42टालें
शुभ07:42 – 09:16शुभ
रोग09:16 – 10:50टालें
उद्वेग10:50 – 12:24टालें
चर12:24 – 13:57सामान्य
लाभ13:57 – 15:31शुभ
अमृत15:31 – 17:05शुभ
काल17:05 – 18:39टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:39 – 20:05शुभ
उद्वेग20:05 – 21:31टालें
शुभ21:31 – 22:57शुभ
अमृत22:57 – 00:24शुभ
चर00:24 – 01:50सामान्य
रोग01:50 – 03:16टालें
काल03:16 – 04:42टालें
लाभ04:42 – 06:08शुभ

12 अगस्त 2028 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 04:43, 13 अग॰ तक
कृष्ण अष्टमी 05:37, 14 अग॰ तक
नक्षत्र
भरणी 16:38, 13 अग॰ तक
योग
गंडअशुभ 22:09 तक
वृद्धि 22:01, 13 अग॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 16:02 तक
बव 04:43, 13 अग॰ तक
बालव 17:15, 13 अग॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकर्क
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:08
सूर्यास्त
18:39
चंद्रोदय
23:07
चंद्रास्त
11:15
दिनमान
12h 31m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:36 – 05:22
अभिजीत मुहूर्त
11:58 – 12:49

अशुभ समय

राहुकाल
09:16 – 10:50
यमगंड
13:57 – 15:31
गुलिक काल
06:08 – 07:42

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:0807:11दिन
गुरु07:1108:13दिन
मंगल08:1309:16दिन
सूर्य09:1610:18दिन
शुक्र10:1811:21दिन
बुध11:2112:24दिन
चंद्र12:2413:26दिन
शनि13:2614:29दिन
गुरु14:2915:31दिन
मंगल15:3116:34दिन
सूर्य16:3417:36दिन
शुक्र17:3618:39दिन
बुध18:3919:37रात
चंद्र19:3720:34रात
शनि20:3421:31रात
गुरु21:3122:29रात
मंगल22:2923:26रात
सूर्य23:2600:24रात
शुक्र00:2401:21रात
बुध01:2102:18रात
चंद्र02:1803:16रात
शनि03:1604:13रात
गुरु04:1305:11रात
मंगल05:1106:08रात

अयनांश 24.2568° (लाहिड़ी)। समय ईरोड (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।