26 सितंबर 2028 को ईरोड का चौघड़िया

मंगलवार, 26 सितंबर 2028, ईरोड, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 26 सितंबर 2028 को ईरोड में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (06:58 तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (05:02, 27 सित॰ तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 06:08 पर और सूर्यास्त 18:12 पर है। राहुकाल 15:11 से 16:41 तक है।

दिन और रात
दिन 06:08 – 18:12
रात 06:08 तक
तिथि
नवमी
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा, 05:02 तक
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 सितंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:08 – 07:38टालें
उद्वेग07:38 – 09:09टालें
चर09:09 – 10:39सामान्य
लाभ10:39 – 12:10शुभ
अमृत12:10 – 13:40शुभ
काल13:40 – 15:11टालें
शुभ15:11 – 16:41शुभ
रोग16:41 – 18:12टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:12 – 19:41टालें
लाभ19:41 – 21:11शुभ
उद्वेग21:11 – 22:40टालें
शुभ22:40 – 00:10शुभ
अमृत00:10 – 01:39शुभ
चर01:39 – 03:09सामान्य
रोग03:09 – 04:38टालें
काल04:38 – 06:08टालें

26 सितंबर 2028 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 06:58 तक
शुक्ल नवमी 08:09, 27 सित॰ तक
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा 05:02, 27 सित॰ तक
उत्तराषाढ़ा 07:18, 28 सित॰ तक
योग
शोभन 04:47, 27 सित॰ तक
अतिगंडअशुभ 05:04, 28 सित॰ तक
करण
बव 06:58 तक
बालव 19:29 तक
कौलव 08:09, 27 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:08
सूर्यास्त
18:12
चंद्रोदय
13:12
चंद्रास्त
00:02
दिनमान
12h 4m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:32 – 05:20
अभिजीत मुहूर्त
11:46 – 12:34

अशुभ समय

राहुकाल
15:11 – 16:41
यमगंड
09:09 – 10:39
गुलिक काल
12:10 – 13:40

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:0807:08दिन
सूर्य07:0808:08दिन
शुक्र08:0809:09दिन
बुध09:0910:09दिन
चंद्र10:0911:09दिन
शनि11:0912:10दिन
गुरु12:1013:10दिन
मंगल13:1014:10दिन
सूर्य14:1015:11दिन
शुक्र15:1116:11दिन
बुध16:1117:11दिन
चंद्र17:1118:12दिन
शनि18:1219:11रात
गुरु19:1120:11रात
मंगल20:1121:11रात
सूर्य21:1122:10रात
शुक्र22:1023:10रात
बुध23:1000:10रात
चंद्र00:1001:09रात
शनि01:0902:09रात
गुरु02:0903:09रात
मंगल03:0904:08रात
सूर्य04:0805:08रात
शुक्र05:0806:08रात

अयनांश 24.2585° (लाहिड़ी)। समय ईरोड (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।