1 फ़रवरी 2029 को ईरोड का चौघड़िया

गुरुवार, 1 फ़रवरी 2029, ईरोड, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 1 फ़रवरी 2029 को ईरोड में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (02:45, 2 फ़र॰ तक), नक्षत्र मघा (07:45 तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 06:43 पर और सूर्यास्त 18:22 पर है। राहुकाल 14:00 से 15:27 तक है।

दिन और रात
दिन 06:43 – 18:22
रात 06:43 तक
तिथि
तृतीया, 02:45 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 05:24 तक
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 फ़रवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:43 – 08:10शुभ
रोग08:10 – 09:37टालें
उद्वेग09:37 – 11:05टालें
चर11:05 – 12:32सामान्य
लाभ12:32 – 14:00शुभ
अमृत14:00 – 15:27शुभ
काल15:27 – 16:54टालें
शुभ16:54 – 18:22शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:22 – 19:54शुभ
चर19:54 – 21:27सामान्य
रोग21:27 – 23:00टालें
काल23:00 – 00:32टालें
लाभ00:32 – 02:05शुभ
उद्वेग02:05 – 03:37टालें
शुभ03:37 – 05:10शुभ
अमृत05:10 – 06:43शुभ

1 फ़रवरी 2029 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 02:45, 2 फ़र॰ तक
कृष्ण चतुर्थी 23:44, 2 फ़र॰ तक
नक्षत्र
मघा 07:45 तक
पूर्वा फाल्गुनी 05:24, 2 फ़र॰ तक
उत्तरा फाल्गुनी 03:07, 3 फ़र॰ तक
योग
शोभन 15:30 तक
अतिगंडअशुभ 11:46, 2 फ़र॰ तक
करण
वणिज 16:17 तक
विष्टि (भद्रा) 02:45, 2 फ़र॰ तक
बव 13:13, 2 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:43
सूर्यास्त
18:22
चंद्रोदय
20:29
चंद्रास्त
08:07
दिनमान
11h 39m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:04 – 05:53
अभिजीत मुहूर्त
12:09 – 12:56

अशुभ समय

राहुकाल
14:00 – 15:27
यमगंड
06:43 – 08:10
गुलिक काल
09:37 – 11:05

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:4307:41दिन
मंगल07:4108:39दिन
सूर्य08:3909:37दिन
शुक्र09:3710:36दिन
बुध10:3611:34दिन
चंद्र11:3412:32दिन
शनि12:3213:30दिन
गुरु13:3014:29दिन
मंगल14:2915:27दिन
सूर्य15:2716:25दिन
शुक्र16:2517:23दिन
बुध17:2318:22दिन
चंद्र18:2219:23रात
शनि19:2320:25रात
गुरु20:2521:27रात
मंगल21:2722:29रात
सूर्य22:2923:30रात
शुक्र23:3000:32रात
बुध00:3201:34रात
चंद्र01:3402:36रात
शनि02:3603:37रात
गुरु03:3704:39रात
मंगल04:3905:41रात
सूर्य05:4106:43रात

अयनांश 24.2634° (लाहिड़ी)। समय ईरोड (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।