19 फ़रवरी 2029 को ईरोड का चौघड़िया

सोमवार, 19 फ़रवरी 2029, ईरोड, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 19 फ़रवरी 2029 को ईरोड में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (05:47, 20 फ़र॰ तक), नक्षत्र अश्विनी (17:38 तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 06:38 पर और सूर्यास्त 18:27 पर है। राहुकाल 08:07 से 09:35 तक है।

दिन और रात
दिन 06:38 – 18:27
रात 06:38 तक
तिथि
षष्ठी, 05:47 तक
नक्षत्र
अश्विनी, 17:38 तक
भरणी
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 फ़रवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:38 – 08:07शुभ
काल08:07 – 09:35टालें
शुभ09:35 – 11:04शुभ
रोग11:04 – 12:32टालें
उद्वेग12:32 – 14:01टालें
चर14:01 – 15:30सामान्य
लाभ15:30 – 16:58शुभ
अमृत16:58 – 18:27शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:27 – 19:58सामान्य
रोग19:58 – 21:30टालें
काल21:30 – 23:01टालें
लाभ23:01 – 00:32शुभ
उद्वेग00:32 – 02:04टालें
शुभ02:04 – 03:35शुभ
अमृत03:35 – 05:06शुभ
चर05:06 – 06:38सामान्य

19 फ़रवरी 2029 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 05:47, 20 फ़र॰ तक
शुक्ल सप्तमी 07:50, 21 फ़र॰ तक
नक्षत्र
भरणी 20:20, 20 फ़र॰ तक
योग
शुक्ल 17:16 तक
ब्रह्म 17:55, 20 फ़र॰ तक
करण
कौलव 16:37 तक
तैतिल 05:47, 20 फ़र॰ तक
गर 18:52, 20 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:38
सूर्यास्त
18:27
चंद्रोदय
10:07
चंद्रास्त
23:00
दिनमान
11h 49m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:01 – 05:49
अभिजीत मुहूर्त
12:09 – 12:56

अशुभ समय

राहुकाल
08:07 – 09:35
यमगंड
11:04 – 12:32
गुलिक काल
14:01 – 15:30

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:3807:37दिन
शनि07:3708:36दिन
गुरु08:3609:35दिन
मंगल09:3510:34दिन
सूर्य10:3411:33दिन
शुक्र11:3312:32दिन
बुध12:3213:32दिन
चंद्र13:3214:31दिन
शनि14:3115:30दिन
गुरु15:3016:29दिन
मंगल16:2917:28दिन
सूर्य17:2818:27दिन
शुक्र18:2719:28रात
बुध19:2820:29रात
चंद्र20:2921:30रात
शनि21:3022:30रात
गुरु22:3023:31रात
मंगल23:3100:32रात
सूर्य00:3201:33रात
शुक्र01:3302:34रात
बुध02:3403:35रात
चंद्र03:3504:36रात
शनि04:3605:37रात
गुरु05:3706:38रात

अयनांश 24.2641° (लाहिड़ी)। समय ईरोड (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।