3 मई 2029 को ईरोड का चौघड़िया

गुरुवार, 3 मई 2029, ईरोड, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 3 मई 2029 को ईरोड में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (02:32, 4 मई तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (17:48 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 05:59 पर और सूर्यास्त 18:32 पर है। राहुकाल 13:50 से 15:24 तक है।

दिन और रात
दिन 05:59 – 18:32
रात 05:59 तक
तिथि
षष्ठी, 02:32 तक
सप्तमी
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा, 17:48 तक
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 मई 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:59 – 07:33शुभ
रोग07:33 – 09:07टालें
उद्वेग09:07 – 10:41टालें
चर10:41 – 12:16सामान्य
लाभ12:16 – 13:50शुभ
अमृत13:50 – 15:24शुभ
काल15:24 – 16:58टालें
शुभ16:58 – 18:32शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:32 – 19:58शुभ
चर19:58 – 21:24सामान्य
रोग21:24 – 22:50टालें
काल22:50 – 00:15टालें
लाभ00:15 – 01:41शुभ
उद्वेग01:41 – 03:07टालें
शुभ03:07 – 04:33शुभ
अमृत04:33 – 05:59शुभ

3 मई 2029 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 02:32, 4 मई तक
कृष्ण सप्तमी 02:51, 5 मई तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 18:30, 4 मई तक
योग
सिद्ध 08:06 तक
साध्य 06:47, 4 मई तक
करण
गर 14:41 तक
वणिज 02:32, 4 मई तक
विष्टि (भद्रा) 14:36, 4 मई तक
चंद्र राशि
धनु 23:54 तक
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:59
सूर्यास्त
18:32
चंद्रोदय
23:31
चंद्रास्त
10:27
दिनमान
12h 33m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:27 – 05:13
अभिजीत मुहूर्त
11:50 – 12:41

अशुभ समय

राहुकाल
13:50 – 15:24
यमगंड
05:59 – 07:33
गुलिक काल
09:07 – 10:41

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:5907:02दिन
मंगल07:0208:05दिन
सूर्य08:0509:07दिन
शुक्र09:0710:10दिन
बुध10:1011:13दिन
चंद्र11:1312:16दिन
शनि12:1613:18दिन
गुरु13:1814:21दिन
मंगल14:2115:24दिन
सूर्य15:2416:27दिन
शुक्र16:2717:29दिन
बुध17:2918:32दिन
चंद्र18:3219:29रात
शनि19:2920:26रात
गुरु20:2621:24रात
मंगल21:2422:21रात
सूर्य22:2123:18रात
शुक्र23:1800:15रात
बुध00:1501:13रात
चंद्र01:1302:10रात
शनि02:1003:07रात
गुरु03:0704:04रात
मंगल04:0405:01रात
सूर्य05:0105:59रात

अयनांश 24.2669° (लाहिड़ी)। समय ईरोड (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।