11 मई 2029 को ईरोड का चौघड़िया

शुक्रवार, 11 मई 2029, ईरोड, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 11 मई 2029 को ईरोड में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (14:54 तक), नक्षत्र रेवती (09:27 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 05:57 पर और सूर्यास्त 18:33 पर है। राहुकाल 10:40 से 12:15 तक है।

दिन और रात
दिन 05:57 – 18:33
रात 05:56 तक
तिथि
त्रयोदशी, 14:54 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
रेवती, 09:27 तक
अश्विनी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 मई 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:57 – 07:31सामान्य
लाभ07:31 – 09:06शुभ
अमृत09:06 – 10:40शुभ
काल10:40 – 12:15टालें
शुभ12:15 – 13:50शुभ
रोग13:50 – 15:24टालें
उद्वेग15:24 – 16:59टालें
चर16:59 – 18:33सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:33 – 19:59टालें
काल19:59 – 21:24टालें
लाभ21:24 – 22:50शुभ
उद्वेग22:50 – 00:15टालें
शुभ00:15 – 01:40शुभ
अमृत01:40 – 03:06शुभ
चर03:06 – 04:31सामान्य
रोग04:31 – 05:56टालें

11 मई 2029 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 14:54 तक
कृष्ण चतुर्दशी 17:10, 12 मई तक
नक्षत्र
रेवती 09:27 तक
अश्विनी 12:18, 12 मई तक
योग
प्रीति 09:47 तक
आयुष्मान 10:37, 12 मई तक
करण
वणिज 14:54 तक
विष्टि (भद्रा) 04:04, 12 मई तक
शकुनि 17:10, 12 मई तक
चंद्र राशि
मीन 09:27 तक
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:57
सूर्यास्त
18:33
चंद्रोदय
04:05
चंद्रास्त
16:49
दिनमान
12h 37m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:25 – 05:11
अभिजीत मुहूर्त
11:50 – 12:40

अशुभ समय

राहुकाल
10:40 – 12:15
यमगंड
15:24 – 16:59
गुलिक काल
07:31 – 09:06

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:5707:00दिन
बुध07:0008:03दिन
चंद्र08:0309:06दिन
शनि09:0610:09दिन
गुरु10:0911:12दिन
मंगल11:1212:15दिन
सूर्य12:1513:18दिन
शुक्र13:1814:21दिन
बुध14:2115:24दिन
चंद्र15:2416:27दिन
शनि16:2717:30दिन
गुरु17:3018:33दिन
मंगल18:3319:30रात
सूर्य19:3020:27रात
शुक्र20:2721:24रात
बुध21:2422:21रात
चंद्र22:2123:18रात
शनि23:1800:15रात
गुरु00:1501:12रात
मंगल01:1202:09रात
सूर्य02:0903:06रात
शुक्र03:0604:02रात
बुध04:0204:59रात
चंद्र04:5905:56रात

अयनांश 24.2672° (लाहिड़ी)। समय ईरोड (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।