23 अक्टूबर 2029 को ईरोड का चौघड़िया

मंगलवार, 23 अक्टूबर 2029, ईरोड, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 23 अक्टूबर 2029 को ईरोड में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (17:30 तक), नक्षत्र अश्विनी (07:51 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 06:09 पर और सूर्यास्त 17:57 पर है। राहुकाल 15:00 से 16:28 तक है।

दिन और रात
दिन 06:09 – 17:57
रात 06:09 तक
तिथि
प्रतिपदा, 17:30 तक
द्वितीया
नक्षत्र
भरणी
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 अक्टूबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:09 – 07:37टालें
उद्वेग07:37 – 09:06टालें
चर09:06 – 10:34सामान्य
लाभ10:34 – 12:03शुभ
अमृत12:03 – 13:31शुभ
काल13:31 – 15:00टालें
शुभ15:00 – 16:28शुभ
रोग16:28 – 17:57टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:57 – 19:28टालें
लाभ19:28 – 21:00शुभ
उद्वेग21:00 – 22:31टालें
शुभ22:31 – 00:03शुभ
अमृत00:03 – 01:34शुभ
चर01:34 – 03:06सामान्य
रोग03:06 – 04:37टालें
काल04:37 – 06:09टालें

23 अक्टूबर 2029 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 17:30 तक
कृष्ण द्वितीया 20:04, 24 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
भरणी 10:53, 24 अक्टू॰ तक
योग
वज्रअशुभ 09:40 तक
सिद्धि 10:37, 24 अक्टू॰ तक
करण
कौलव 17:30 तक
तैतिल 06:47, 24 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:09
सूर्यास्त
17:57
चंद्रोदय
18:31
चंद्रास्त
06:39
दिनमान
11h 48m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:31 – 05:20
अभिजीत मुहूर्त
11:39 – 12:26

अशुभ समय

राहुकाल
15:00 – 16:28
यमगंड
09:06 – 10:34
गुलिक काल
12:03 – 13:31

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:0907:08दिन
सूर्य07:0808:07दिन
शुक्र08:0709:06दिन
बुध09:0610:05दिन
चंद्र10:0511:04दिन
शनि11:0412:03दिन
गुरु12:0313:02दिन
मंगल13:0214:01दिन
सूर्य14:0115:00दिन
शुक्र15:0015:59दिन
बुध15:5916:58दिन
चंद्र16:5817:57दिन
शनि17:5718:58रात
गुरु18:5819:59रात
मंगल19:5921:00रात
सूर्य21:0022:01रात
शुक्र22:0123:02रात
बुध23:0200:03रात
चंद्र00:0301:04रात
शनि01:0402:05रात
गुरु02:0503:06रात
मंगल03:0604:07रात
सूर्य04:0705:08रात
शुक्र05:0806:09रात

अयनांश 24.2735° (लाहिड़ी)। समय ईरोड (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।