27 नवंबर 2029 को ईरोड का चौघड़िया

मंगलवार, 27 नवंबर 2029, ईरोड, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 27 नवंबर 2029 को ईरोड में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (18:09 तक), नक्षत्र आश्लेषा (06:26, 28 नव॰ तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 06:20 पर और सूर्यास्त 17:52 पर है। राहुकाल 14:59 से 16:26 तक है।

दिन और रात
दिन 06:20 – 17:52
रात 06:21 तक
तिथि
षष्ठी, 18:09 तक
सप्तमी
नक्षत्र
आश्लेषा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 नवंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:20 – 07:47टालें
उद्वेग07:47 – 09:13टालें
चर09:13 – 10:40सामान्य
लाभ10:40 – 12:06शुभ
अमृत12:06 – 13:33शुभ
काल13:33 – 14:59टालें
शुभ14:59 – 16:26शुभ
रोग16:26 – 17:52टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:52 – 19:26टालें
लाभ19:26 – 20:59शुभ
उद्वेग20:59 – 22:33टालें
शुभ22:33 – 00:06शुभ
अमृत00:06 – 01:40शुभ
चर01:40 – 03:14सामान्य
रोग03:14 – 04:47टालें
काल04:47 – 06:21टालें

27 नवंबर 2029 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 18:09 तक
कृष्ण सप्तमी 17:44, 28 नव॰ तक
नक्षत्र
आश्लेषा 06:26, 28 नव॰ तक
योग
ब्रह्म 16:04 तक
इंद्र 14:37, 28 नव॰ तक
करण
वणिज 18:09 तक
विष्टि (भद्रा) 06:01, 28 नव॰ तक
बव 17:44, 28 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:20
सूर्यास्त
17:52
चंद्रोदय
23:08
चंद्रास्त
11:03
दिनमान
11h 32m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:40 – 05:30
अभिजीत मुहूर्त
11:43 – 12:29

अशुभ समय

राहुकाल
14:59 – 16:26
यमगंड
09:13 – 10:40
गुलिक काल
12:06 – 13:33

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:2007:18दिन
सूर्य07:1808:16दिन
शुक्र08:1609:13दिन
बुध09:1310:11दिन
चंद्र10:1111:09दिन
शनि11:0912:06दिन
गुरु12:0613:04दिन
मंगल13:0414:01दिन
सूर्य14:0114:59दिन
शुक्र14:5915:57दिन
बुध15:5716:54दिन
चंद्र16:5417:52दिन
शनि17:5218:54रात
गुरु18:5419:57रात
मंगल19:5720:59रात
सूर्य20:5922:02रात
शुक्र22:0223:04रात
बुध23:0400:06रात
चंद्र00:0601:09रात
शनि01:0902:11रात
गुरु02:1103:14रात
मंगल03:1404:16रात
सूर्य04:1605:18रात
शुक्र05:1806:21रात

अयनांश 24.2748° (लाहिड़ी)। समय ईरोड (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।