15 जनवरी 2026 को गया का चौघड़िया

गुरुवार, 15 जनवरी 2026, गया, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 15 जनवरी 2026 को गया में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (20:17 तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (05:47, 16 जन॰ तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 06:36 पर और सूर्यास्त 17:22 पर है। राहुकाल 13:20 से 14:40 तक है।

दिन और रात
दिन 06:36 – 17:22
रात 06:36 तक
तिथि
द्वादशी, 20:17 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
ज्येष्ठा, 05:47 तक
मूल
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

15 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:36 – 07:57शुभ
रोग07:57 – 09:17टालें
उद्वेग09:17 – 10:38टालें
चर10:38 – 11:59सामान्य
लाभ11:59 – 13:20शुभ
अमृत13:20 – 14:40शुभ
काल14:40 – 16:01टालें
शुभ16:01 – 17:22शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:22 – 19:01शुभ
चर19:01 – 20:40सामान्य
रोग20:40 – 22:20टालें
काल22:20 – 23:59टालें
लाभ23:59 – 01:38शुभ
उद्वेग01:38 – 03:17टालें
शुभ03:17 – 04:57शुभ
अमृत04:57 – 06:36शुभ

15 जनवरी 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 20:17 तक
कृष्ण त्रयोदशी 22:22, 16 जन॰ तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 05:47, 16 जन॰ तक
मूल 08:12, 17 जन॰ तक
योग
वृद्धि 20:38 तक
ध्रुव 21:06, 16 जन॰ तक
करण
कौलव 07:07 तक
तैतिल 20:17 तक
गर 09:22, 16 जन॰ तक
चंद्र राशि
वृश्चिक 05:47, 16 जन॰ तक
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:36
सूर्यास्त
17:22
चंद्रोदय
03:43
चंद्रास्त
14:12
दिनमान
10h 46m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:50 – 05:43
अभिजीत मुहूर्त
11:37 – 12:20

अशुभ समय

राहुकाल
13:20 – 14:40
यमगंड
06:36 – 07:57
गुलिक काल
09:17 – 10:38

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:3607:30दिन
मंगल07:3008:24दिन
सूर्य08:2409:17दिन
शुक्र09:1710:11दिन
बुध10:1111:05दिन
चंद्र11:0511:59दिन
शनि11:5912:53दिन
गुरु12:5313:47दिन
मंगल13:4714:40दिन
सूर्य14:4015:34दिन
शुक्र15:3416:28दिन
बुध16:2817:22दिन
चंद्र17:2218:28रात
शनि18:2819:34रात
गुरु19:3420:40रात
मंगल20:4021:47रात
सूर्य21:4722:53रात
शुक्र22:5323:59रात
बुध23:5901:05रात
चंद्र01:0502:11रात
शनि02:1103:17रात
गुरु03:1704:24रात
मंगल04:2405:30रात
सूर्य05:3006:36रात

अयनांश 24.2208° (लाहिड़ी)। समय गया (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।