27 सितंबर 2026 को गोरखपुर का चौघड़िया

रविवार, 27 सितंबर 2026, गोरखपुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 27 सितंबर 2026 को गोरखपुर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (20:59 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (11:08 तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 05:47 पर और सूर्यास्त 17:47 पर है। राहुकाल 16:17 से 17:47 तक है।

दिन और रात
दिन 05:47 – 17:47
रात 05:47 तक
तिथि
प्रतिपदा, 20:59 तक
द्वितीया
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 11:08 तक
रेवती
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 सितंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:47 – 07:17टालें
चर07:17 – 08:47सामान्य
लाभ08:47 – 10:17शुभ
अमृत10:17 – 11:47शुभ
काल11:47 – 13:17टालें
शुभ13:17 – 14:47शुभ
रोग14:47 – 16:17टालें
उद्वेग16:17 – 17:47टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:47 – 19:17शुभ
अमृत19:17 – 20:47शुभ
चर20:47 – 22:17सामान्य
रोग22:17 – 23:47टालें
काल23:47 – 01:17टालें
लाभ01:17 – 02:47शुभ
उद्वेग02:47 – 04:17टालें
शुभ04:17 – 05:47शुभ

27 सितंबर 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 20:59 तक
कृष्ण द्वितीया 19:14, 28 सित॰ तक
नक्षत्र
रेवती 10:16, 28 सित॰ तक
योग
वृद्धि 11:17 तक
ध्रुव 08:53, 28 सित॰ तक
करण
बालव 09:42 तक
कौलव 20:59 तक
तैतिल 08:09, 28 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:47
सूर्यास्त
17:47
चंद्रोदय
18:01
चंद्रास्त
06:09
दिनमान
12h 1m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:11 – 04:59
अभिजीत मुहूर्त
11:23 – 12:11

अशुभ समय

राहुकाल
16:17 – 17:47
यमगंड
11:47 – 13:17
गुलिक काल
14:47 – 16:17

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:4706:47दिन
शुक्र06:4707:47दिन
बुध07:4708:47दिन
चंद्र08:4709:47दिन
शनि09:4710:47दिन
गुरु10:4711:47दिन
मंगल11:4712:47दिन
सूर्य12:4713:47दिन
शुक्र13:4714:47दिन
बुध14:4715:47दिन
चंद्र15:4716:47दिन
शनि16:4717:47दिन
गुरु17:4718:47रात
मंगल18:4719:47रात
सूर्य19:4720:47रात
शुक्र20:4721:47रात
बुध21:4722:47रात
चंद्र22:4723:47रात
शनि23:4700:47रात
गुरु00:4701:47रात
मंगल01:4702:47रात
सूर्य02:4703:47रात
शुक्र03:4704:47रात
बुध04:4705:47रात

अयनांश 24.2306° (लाहिड़ी)। समय गोरखपुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।