27 सितंबर 2029 को गोरखपुर का चौघड़िया

गुरुवार, 27 सितंबर 2029, गोरखपुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 27 सितंबर 2029 को गोरखपुर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (07:20 तक), नक्षत्र कृत्तिका (07:42, 28 सित॰ तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 05:47 पर और सूर्यास्त 17:47 पर है। राहुकाल 13:17 से 14:47 तक है।

दिन और रात
दिन 05:47 – 17:47
रात 05:47 तक
तिथि
पंचमी
नक्षत्र
कृत्तिका
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 सितंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:47 – 07:17शुभ
रोग07:17 – 08:47टालें
उद्वेग08:47 – 10:17टालें
चर10:17 – 11:47सामान्य
लाभ11:47 – 13:17शुभ
अमृत13:17 – 14:47शुभ
काल14:47 – 16:17टालें
शुभ16:17 – 17:47शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:47 – 19:17शुभ
चर19:17 – 20:47सामान्य
रोग20:47 – 22:17टालें
काल22:17 – 23:47टालें
लाभ23:47 – 01:17शुभ
उद्वेग01:17 – 02:47टालें
शुभ02:47 – 04:17शुभ
अमृत04:17 – 05:47शुभ

27 सितंबर 2029 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 07:20 तक
कृष्ण पंचमी 09:50, 28 सित॰ तक
नक्षत्र
कृत्तिका 07:42, 28 सित॰ तक
योग
वज्रअशुभ 05:53, 28 सित॰ तक
करण
बालव 07:20 तक
कौलव 20:36 तक
तैतिल 09:50, 28 सित॰ तक
चंद्र राशि
मेष 11:27 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:47
सूर्यास्त
17:47
चंद्रोदय
20:25
चंद्रास्त
09:37
दिनमान
12h 0m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:11 – 04:59
अभिजीत मुहूर्त
11:23 – 12:11

अशुभ समय

राहुकाल
13:17 – 14:47
यमगंड
05:47 – 07:17
गुलिक काल
08:47 – 10:17

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:4706:47दिन
मंगल06:4707:47दिन
सूर्य07:4708:47दिन
शुक्र08:4709:47दिन
बुध09:4710:47दिन
चंद्र10:4711:47दिन
शनि11:4712:47दिन
गुरु12:4713:47दिन
मंगल13:4714:47दिन
सूर्य14:4715:47दिन
शुक्र15:4716:47दिन
बुध16:4717:47दिन
चंद्र17:4718:47रात
शनि18:4719:47रात
गुरु19:4720:47रात
मंगल20:4721:47रात
सूर्य21:4722:47रात
शुक्र22:4723:47रात
बुध23:4700:47रात
चंद्र00:4701:47रात
शनि01:4702:47रात
गुरु02:4703:47रात
मंगल03:4704:47रात
सूर्य04:4705:47रात

अयनांश 24.2725° (लाहिड़ी)। समय गोरखपुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।