28 सितंबर 2029 को गोरखपुर का चौघड़िया

शुक्रवार, 28 सितंबर 2029, गोरखपुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 28 सितंबर 2029 को गोरखपुर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (09:50 तक), नक्षत्र कृत्तिका (07:42 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 05:47 पर और सूर्यास्त 17:46 पर है। राहुकाल 10:17 से 11:46 तक है।

दिन और रात
दिन 05:47 – 17:46
रात 05:48 तक
तिथि
पंचमी, 09:50 तक
षष्ठी
नक्षत्र
रोहिणी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 सितंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:47 – 07:17सामान्य
लाभ07:17 – 08:47शुभ
अमृत08:47 – 10:17शुभ
काल10:17 – 11:46टालें
शुभ11:46 – 13:16शुभ
रोग13:16 – 14:46टालें
उद्वेग14:46 – 16:16टालें
चर16:16 – 17:46सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:46 – 19:16टालें
काल19:16 – 20:46टालें
लाभ20:46 – 22:16शुभ
उद्वेग22:16 – 23:47टालें
शुभ23:47 – 01:17शुभ
अमृत01:17 – 02:47शुभ
चर02:47 – 04:17सामान्य
रोग04:17 – 05:48टालें

28 सितंबर 2029 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 09:50 तक
कृष्ण षष्ठी 12:04, 29 सित॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 10:29, 29 सित॰ तक
योग
वज्रअशुभ 05:53 तक
सिद्धि 06:40, 29 सित॰ तक
करण
तैतिल 09:50 तक
गर 23:00 तक
वणिज 12:04, 29 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:47
सूर्यास्त
17:46
चंद्रोदय
21:11
चंद्रास्त
10:30
दिनमान
11h 59m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:11 – 04:59
अभिजीत मुहूर्त
11:22 – 12:10

अशुभ समय

राहुकाल
10:17 – 11:46
यमगंड
14:46 – 16:16
गुलिक काल
07:17 – 08:47

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:4706:47दिन
बुध06:4707:47दिन
चंद्र07:4708:47दिन
शनि08:4709:47दिन
गुरु09:4710:47दिन
मंगल10:4711:46दिन
सूर्य11:4612:46दिन
शुक्र12:4613:46दिन
बुध13:4614:46दिन
चंद्र14:4615:46दिन
शनि15:4616:46दिन
गुरु16:4617:46दिन
मंगल17:4618:46रात
सूर्य18:4619:46रात
शुक्र19:4620:46रात
बुध20:4621:46रात
चंद्र21:4622:47रात
शनि22:4723:47रात
गुरु23:4700:47रात
मंगल00:4701:47रात
सूर्य01:4702:47रात
शुक्र02:4703:47रात
बुध03:4704:47रात
चंद्र04:4705:48रात

अयनांश 24.2725° (लाहिड़ी)। समय गोरखपुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।