29 सितंबर 2029 को गोरखपुर का चौघड़िया

शनिवार, 29 सितंबर 2029, गोरखपुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 29 सितंबर 2029 को गोरखपुर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (12:04 तक), नक्षत्र रोहिणी (10:29 तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 05:48 पर और सूर्यास्त 17:45 पर है। राहुकाल 08:47 से 10:16 तक है।

दिन और रात
दिन 05:48 – 17:45
रात 05:48 तक
तिथि
षष्ठी, 12:04 तक
सप्तमी
नक्षत्र
रोहिणी, 10:29 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

29 सितंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:48 – 07:17टालें
शुभ07:17 – 08:47शुभ
रोग08:47 – 10:16टालें
उद्वेग10:16 – 11:46टालें
चर11:46 – 13:16सामान्य
लाभ13:16 – 14:45शुभ
अमृत14:45 – 16:15शुभ
काल16:15 – 17:45टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:45 – 19:15शुभ
उद्वेग19:15 – 20:45टालें
शुभ20:45 – 22:16शुभ
अमृत22:16 – 23:46शुभ
चर23:46 – 01:17सामान्य
रोग01:17 – 02:47टालें
काल02:47 – 04:18टालें
लाभ04:18 – 05:48शुभ

29 सितंबर 2029 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 12:04 तक
कृष्ण सप्तमी 13:49, 30 सित॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 10:29 तक
मृगशिरा 12:48, 30 सित॰ तक
योग
सिद्धि 06:40 तक
व्यतीपातअशुभ 07:06, 30 सित॰ तक
करण
वणिज 12:04 तक
विष्टि (भद्रा) 01:01, 30 सित॰ तक
बव 13:49, 30 सित॰ तक
चंद्र राशि
वृषभ 23:43 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:48
सूर्यास्त
17:45
चंद्रोदय
22:01
चंद्रास्त
11:22
दिनमान
11h 57m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:11 – 04:59
अभिजीत मुहूर्त
11:22 – 12:10

अशुभ समय

राहुकाल
08:47 – 10:16
यमगंड
13:16 – 14:45
गुलिक काल
05:48 – 07:17

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:4806:47दिन
गुरु06:4707:47दिन
मंगल07:4708:47दिन
सूर्य08:4709:47दिन
शुक्र09:4710:46दिन
बुध10:4611:46दिन
चंद्र11:4612:46दिन
शनि12:4613:46दिन
गुरु13:4614:45दिन
मंगल14:4515:45दिन
सूर्य15:4516:45दिन
शुक्र16:4517:45दिन
बुध17:4518:45रात
चंद्र18:4519:45रात
शनि19:4520:45रात
गुरु20:4521:46रात
मंगल21:4622:46रात
सूर्य22:4623:46रात
शुक्र23:4600:47रात
बुध00:4701:47रात
चंद्र01:4702:47रात
शनि02:4703:47रात
गुरु03:4704:48रात
मंगल04:4805:48रात

अयनांश 24.2726° (लाहिड़ी)। समय गोरखपुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।