2 अक्टूबर 2025 को गुरुग्राम का चौघड़िया

गुरुवार, 2 अक्टूबर 2025, गुरुग्राम, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 2 अक्टूबर 2025 को गुरुग्राम में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल दशमी (19:11 तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (09:13 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 06:15 पर और सूर्यास्त 18:06 पर है। राहुकाल 13:39 से 15:08 तक है।

दिन और रात
दिन 06:15 – 18:06
रात 06:15 तक
तिथि
दशमी, 19:11 तक
एकादशी
नक्षत्र
श्रवण
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:15 – 07:44शुभ
रोग07:44 – 09:13टालें
उद्वेग09:13 – 10:42टालें
चर10:42 – 12:11सामान्य
लाभ12:11 – 13:39शुभ
अमृत13:39 – 15:08शुभ
काल15:08 – 16:37टालें
शुभ16:37 – 18:06शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:06 – 19:37शुभ
चर19:37 – 21:08सामान्य
रोग21:08 – 22:40टालें
काल22:40 – 00:11टालें
लाभ00:11 – 01:42शुभ
उद्वेग01:42 – 03:13टालें
शुभ03:13 – 04:44शुभ
अमृत04:44 – 06:15शुभ

2 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल दशमी 19:11 तक
शुक्ल एकादशी 18:33, 3 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 09:34, 3 अक्टू॰ तक
योग
सुकर्मा 23:28 तक
धृति 21:45, 3 अक्टू॰ तक
करण
तैतिल 07:12 तक
गर 19:11 तक
वणिज 06:58, 3 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:15
सूर्यास्त
18:06
चंद्रोदय
15:10
चंद्रास्त
00:53
दिनमान
11h 51m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:38 – 05:26
अभिजीत मुहूर्त
11:47 – 12:34

अशुभ समय

राहुकाल
13:39 – 15:08
यमगंड
06:15 – 07:44
गुलिक काल
09:13 – 10:42

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:1507:14दिन
मंगल07:1408:13दिन
सूर्य08:1309:13दिन
शुक्र09:1310:12दिन
बुध10:1211:11दिन
चंद्र11:1112:11दिन
शनि12:1113:10दिन
गुरु13:1014:09दिन
मंगल14:0915:08दिन
सूर्य15:0816:08दिन
शुक्र16:0817:07दिन
बुध17:0718:06दिन
चंद्र18:0619:07रात
शनि19:0720:08रात
गुरु20:0821:08रात
मंगल21:0822:09रात
सूर्य22:0923:10रात
शुक्र23:1000:11रात
बुध00:1101:12रात
चंद्र01:1202:12रात
शनि02:1203:13रात
गुरु03:1304:14रात
मंगल04:1405:15रात
सूर्य05:1506:15रात

अयनांश 24.2168° (लाहिड़ी)। समय गुरुग्राम (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।