17 अक्टूबर 2025 को गुरुग्राम का चौघड़िया

शुक्रवार, 17 अक्टूबर 2025, गुरुग्राम, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 17 अक्टूबर 2025 को गुरुग्राम में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (11:12 तक), नक्षत्र मघा (13:57 तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 06:23 पर और सूर्यास्त 17:50 पर है। राहुकाल 10:41 से 12:07 तक है।

दिन और रात
दिन 06:23 – 17:50
रात 06:24 तक
तिथि
एकादशी, 11:12 तक
द्वादशी
नक्षत्र
मघा, 13:57 तक
पूर्वा फाल्गुनी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:23 – 07:49सामान्य
लाभ07:49 – 09:15शुभ
अमृत09:15 – 10:41शुभ
काल10:41 – 12:07टालें
शुभ12:07 – 13:32शुभ
रोग13:32 – 14:58टालें
उद्वेग14:58 – 16:24टालें
चर16:24 – 17:50सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:50 – 19:24टालें
काल19:24 – 20:58टालें
लाभ20:58 – 22:33शुभ
उद्वेग22:33 – 00:07टालें
शुभ00:07 – 01:41शुभ
अमृत01:41 – 03:15शुभ
चर03:15 – 04:50सामान्य
रोग04:50 – 06:24टालें

17 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 11:12 तक
कृष्ण द्वादशी 12:19, 18 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
मघा 13:57 तक
पूर्वा फाल्गुनी 15:41, 18 अक्टू॰ तक
योग
शुक्ल 01:48, 18 अक्टू॰ तक
ब्रह्म 01:48, 19 अक्टू॰ तक
करण
बालव 11:12 तक
कौलव 23:42 तक
तैतिल 12:19, 18 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:23
सूर्यास्त
17:50
चंद्रोदय
02:29
चंद्रास्त
15:38
दिनमान
11h 27m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:43 – 05:33
अभिजीत मुहूर्त
11:44 – 12:29

अशुभ समय

राहुकाल
10:41 – 12:07
यमगंड
14:58 – 16:24
गुलिक काल
07:49 – 09:15

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:2307:20दिन
बुध07:2008:18दिन
चंद्र08:1809:15दिन
शनि09:1510:12दिन
गुरु10:1211:09दिन
मंगल11:0912:07दिन
सूर्य12:0713:04दिन
शुक्र13:0414:01दिन
बुध14:0114:58दिन
चंद्र14:5815:55दिन
शनि15:5516:53दिन
गुरु16:5317:50दिन
मंगल17:5018:53रात
सूर्य18:5319:56रात
शुक्र19:5620:58रात
बुध20:5822:01रात
चंद्र22:0123:04रात
शनि23:0400:07रात
गुरु00:0701:10रात
मंगल01:1002:13रात
सूर्य02:1303:15रात
शुक्र03:1504:18रात
बुध04:1805:21रात
चंद्र05:2106:24रात

अयनांश 24.2174° (लाहिड़ी)। समय गुरुग्राम (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।