25 अक्टूबर 2026 को गुरुग्राम का चौघड़िया

रविवार, 25 अक्टूबर 2026, गुरुग्राम, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को गुरुग्राम में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (11:56 तक), नक्षत्र रेवती (19:22 तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 06:28 पर और सूर्यास्त 17:42 पर है। राहुकाल 16:18 से 17:42 तक है।

दिन और रात
दिन 06:28 – 17:42
रात 06:29 तक
तिथि
चतुर्दशी, 11:56 तक
पूर्णिमा
नक्षत्र
रेवती, 19:22 तक
अश्विनी
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:28 – 07:52टालें
चर07:52 – 09:17सामान्य
लाभ09:17 – 10:41शुभ
अमृत10:41 – 12:05शुभ
काल12:05 – 13:30टालें
शुभ13:30 – 14:54शुभ
रोग14:54 – 16:18टालें
उद्वेग16:18 – 17:42टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:42 – 19:18शुभ
अमृत19:18 – 20:54शुभ
चर20:54 – 22:30सामान्य
रोग22:30 – 00:06टालें
काल00:06 – 01:41टालें
लाभ01:41 – 03:17शुभ
उद्वेग03:17 – 04:53टालें
शुभ04:53 – 06:29शुभ

25 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 11:56 तक
पूर्णिमा 09:41, 26 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
रेवती 19:22 तक
अश्विनी 17:41, 26 अक्टू॰ तक
योग
हर्षण 17:22 तक
वज्रअशुभ 14:17, 26 अक्टू॰ तक
करण
वणिज 11:56 तक
विष्टि (भद्रा) 22:52 तक
बव 09:41, 26 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
मीन 19:22 तक
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:28
सूर्यास्त
17:42
चंद्रोदय
16:57
चंद्रास्त
05:22
दिनमान
11h 14m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:46 – 05:37
अभिजीत मुहूर्त
11:43 – 12:28

अशुभ समय

राहुकाल
16:18 – 17:42
यमगंड
12:05 – 13:30
गुलिक काल
14:54 – 16:18

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:2807:24दिन
शुक्र07:2408:21दिन
बुध08:2109:17दिन
चंद्र09:1710:13दिन
शनि10:1311:09दिन
गुरु11:0912:05दिन
मंगल12:0513:02दिन
सूर्य13:0213:58दिन
शुक्र13:5814:54दिन
बुध14:5415:50दिन
चंद्र15:5016:46दिन
शनि16:4617:42दिन
गुरु17:4218:46रात
मंगल18:4619:50रात
सूर्य19:5020:54रात
शुक्र20:5421:58रात
बुध21:5823:02रात
चंद्र23:0200:06रात
शनि00:0601:10रात
गुरु01:1002:13रात
मंगल02:1303:17रात
सूर्य03:1704:21रात
शुक्र04:2105:25रात
बुध05:2506:29रात

अयनांश 24.2316° (लाहिड़ी)। समय गुरुग्राम (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।