2 मार्च 2029 को हरिद्वार का चौघड़िया

शुक्रवार, 2 मार्च 2029, हरिद्वार, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 2 मार्च 2029 को हरिद्वार में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (15:18 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (12:25 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 06:42 पर और सूर्यास्त 18:17 पर है। राहुकाल 11:02 से 12:29 तक है।

दिन और रात
दिन 06:42 – 18:17
रात 06:41 तक
तिथि
द्वितीया, 15:18 तक
तृतीया
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी, 12:25 तक
हस्त
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 मार्च 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:42 – 08:09सामान्य
लाभ08:09 – 09:35शुभ
अमृत09:35 – 11:02शुभ
काल11:02 – 12:29टालें
शुभ12:29 – 13:56शुभ
रोग13:56 – 15:23टालें
उद्वेग15:23 – 16:50टालें
चर16:50 – 18:17सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:17 – 19:50टालें
काल19:50 – 21:23टालें
लाभ21:23 – 22:56शुभ
उद्वेग22:56 – 00:29टालें
शुभ00:29 – 02:02शुभ
अमृत02:02 – 03:35शुभ
चर03:35 – 05:08सामान्य
रोग05:08 – 06:41टालें

2 मार्च 2029 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 15:18 तक
कृष्ण तृतीया 11:44, 3 मार्च तक
नक्षत्र
हस्त 09:35, 3 मार्च तक
योग
शूलअशुभ 15:49 तक
गंडअशुभ 11:41, 3 मार्च तक
करण
गर 15:18 तक
वणिज 01:30, 3 मार्च तक
विष्टि (भद्रा) 11:44, 3 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:42
सूर्यास्त
18:17
चंद्रोदय
20:20
चंद्रास्त
07:20
दिनमान
11h 35m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:02 – 05:52
अभिजीत मुहूर्त
12:06 – 12:52

अशुभ समय

राहुकाल
11:02 – 12:29
यमगंड
15:23 – 16:50
गुलिक काल
08:09 – 09:35

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:4207:40दिन
बुध07:4008:38दिन
चंद्र08:3809:35दिन
शनि09:3510:33दिन
गुरु10:3311:31दिन
मंगल11:3112:29दिन
सूर्य12:2913:27दिन
शुक्र13:2714:25दिन
बुध14:2515:23दिन
चंद्र15:2316:21दिन
शनि16:2117:19दिन
गुरु17:1918:17दिन
मंगल18:1719:19रात
सूर्य19:1920:21रात
शुक्र20:2121:23रात
बुध21:2322:25रात
चंद्र22:2523:27रात
शनि23:2700:29रात
गुरु00:2901:31रात
मंगल01:3102:33रात
सूर्य02:3303:35रात
शुक्र03:3504:37रात
बुध04:3705:39रात
चंद्र05:3906:41रात

अयनांश 24.2645° (लाहिड़ी)। समय हरिद्वार (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।