18 सितंबर 2029 को हरिद्वार का चौघड़िया

मंगलवार, 18 सितंबर 2029, हरिद्वार, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 18 सितंबर 2029 को हरिद्वार में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (17:23 तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (10:41 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 06:03 पर और सूर्यास्त 18:18 पर है। राहुकाल 15:15 से 16:47 तक है।

दिन और रात
दिन 06:03 – 18:18
रात 06:04 तक
तिथि
एकादशी, 17:23 तक
द्वादशी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 10:41 तक
श्रवण
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 सितंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:03 – 07:35टालें
उद्वेग07:35 – 09:07टालें
चर09:07 – 10:39सामान्य
लाभ10:39 – 12:11शुभ
अमृत12:11 – 13:43शुभ
काल13:43 – 15:15टालें
शुभ15:15 – 16:47शुभ
रोग16:47 – 18:18टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:18 – 19:47टालें
लाभ19:47 – 21:15शुभ
उद्वेग21:15 – 22:43टालें
शुभ22:43 – 00:11शुभ
अमृत00:11 – 01:39शुभ
चर01:39 – 03:07सामान्य
रोग03:07 – 04:35टालें
काल04:35 – 06:04टालें

18 सितंबर 2029 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 17:23 तक
शुक्ल द्वादशी 17:59, 19 सित॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 11:48, 19 सित॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 01:51, 19 सित॰ तक
सुकर्मा 01:22, 20 सित॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 17:23 तक
बव 05:38, 19 सित॰ तक
बालव 17:59, 19 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:03
सूर्यास्त
18:18
चंद्रोदय
15:38
चंद्रास्त
01:50
दिनमान
12h 15m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:29 – 05:16
अभिजीत मुहूर्त
11:46 – 12:35

अशुभ समय

राहुकाल
15:15 – 16:47
यमगंड
09:07 – 10:39
गुलिक काल
12:11 – 13:43

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:0307:04दिन
सूर्य07:0408:06दिन
शुक्र08:0609:07दिन
बुध09:0710:08दिन
चंद्र10:0811:09दिन
शनि11:0912:11दिन
गुरु12:1113:12दिन
मंगल13:1214:13दिन
सूर्य14:1315:15दिन
शुक्र15:1516:16दिन
बुध16:1617:17दिन
चंद्र17:1718:18दिन
शनि18:1819:17रात
गुरु19:1720:16रात
मंगल20:1621:15रात
सूर्य21:1522:13रात
शुक्र22:1323:12रात
बुध23:1200:11रात
चंद्र00:1101:10रात
शनि01:1002:09रात
गुरु02:0903:07रात
मंगल03:0704:06रात
सूर्य04:0605:05रात
शुक्र05:0506:04रात

अयनांश 24.2721° (लाहिड़ी)। समय हरिद्वार (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।