21 सितंबर 2029 को हरिद्वार का चौघड़िया

शुक्रवार, 21 सितंबर 2029, हरिद्वार, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 21 सितंबर 2029 को हरिद्वार में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (20:18 तक), नक्षत्र शतभिषा (15:10 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 06:05 पर और सूर्यास्त 18:15 पर है। राहुकाल 10:38 से 12:10 तक है।

दिन और रात
दिन 06:05 – 18:15
रात 06:05 तक
तिथि
चतुर्दशी, 20:18 तक
पूर्णिमा
नक्षत्र
शतभिषा, 15:10 तक
पूर्वा भाद्रपद
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

21 सितंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:05 – 07:36सामान्य
लाभ07:36 – 09:07शुभ
अमृत09:07 – 10:38शुभ
काल10:38 – 12:10टालें
शुभ12:10 – 13:41शुभ
रोग13:41 – 15:12टालें
उद्वेग15:12 – 16:43टालें
चर16:43 – 18:15सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:15 – 19:44टालें
काल19:44 – 21:12टालें
लाभ21:12 – 22:41शुभ
उद्वेग22:41 – 00:10टालें
शुभ00:10 – 01:39शुभ
अमृत01:39 – 03:08शुभ
चर03:08 – 04:36सामान्य
रोग04:36 – 06:05टालें

21 सितंबर 2029 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 20:18 तक
पूर्णिमा 21:59, 22 सित॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 15:10 तक
पूर्वा भाद्रपद 17:21, 22 सित॰ तक
योग
शूलअशुभ 01:16, 22 सित॰ तक
गंडअशुभ 01:37, 23 सित॰ तक
करण
गर 07:35 तक
वणिज 20:18 तक
विष्टि (भद्रा) 09:06, 22 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:05
सूर्यास्त
18:15
चंद्रोदय
17:16
चंद्रास्त
04:42
दिनमान
12h 10m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:30 – 05:17
अभिजीत मुहूर्त
11:45 – 12:34

अशुभ समय

राहुकाल
10:38 – 12:10
यमगंड
15:12 – 16:43
गुलिक काल
07:36 – 09:07

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:0507:05दिन
बुध07:0508:06दिन
चंद्र08:0609:07दिन
शनि09:0710:08दिन
गुरु10:0811:09दिन
मंगल11:0912:10दिन
सूर्य12:1013:10दिन
शुक्र13:1014:11दिन
बुध14:1115:12दिन
चंद्र15:1216:13दिन
शनि16:1317:14दिन
गुरु17:1418:15दिन
मंगल18:1519:14रात
सूर्य19:1420:13रात
शुक्र20:1321:12रात
बुध21:1222:12रात
चंद्र22:1223:11रात
शनि23:1100:10रात
गुरु00:1001:09रात
मंगल01:0902:08रात
सूर्य02:0803:08रात
शुक्र03:0804:07रात
बुध04:0705:06रात
चंद्र05:0606:05रात

अयनांश 24.2722° (लाहिड़ी)। समय हरिद्वार (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।