1 जनवरी 2025 को हावड़ा का चौघड़िया

बुधवार, 1 जनवरी 2025, हावड़ा, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 1 जनवरी 2025 को हावड़ा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (02:24, 2 जन॰ तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (23:46 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 06:17 पर और सूर्यास्त 17:03 पर है। राहुकाल 11:40 से 13:01 तक है।

दिन और रात
दिन 06:17 – 17:03
रात 06:17 तक
तिथि
द्वितीया, 02:24 तक
तृतीया
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 23:46 तक
श्रवण
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 जनवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:17 – 07:37शुभ
अमृत07:37 – 08:58शुभ
काल08:58 – 10:19टालें
शुभ10:19 – 11:40शुभ
रोग11:40 – 13:01टालें
उद्वेग13:01 – 14:22टालें
चर14:22 – 15:43सामान्य
लाभ15:43 – 17:03शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:03 – 18:43टालें
शुभ18:43 – 20:22शुभ
अमृत20:22 – 22:01शुभ
चर22:01 – 23:40सामान्य
रोग23:40 – 01:19टालें
काल01:19 – 02:59टालें
लाभ02:59 – 04:38शुभ
उद्वेग04:38 – 06:17टालें

1 जनवरी 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 02:24, 2 जन॰ तक
शुक्ल तृतीया 01:08, 3 जन॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 23:10, 2 जन॰ तक
योग
व्याघातअशुभ 17:06 तक
हर्षण 14:57, 2 जन॰ तक
करण
बालव 14:56 तक
कौलव 02:24, 2 जन॰ तक
तैतिल 13:48, 2 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:17
सूर्यास्त
17:03
चंद्रोदय
07:31
चंद्रास्त
18:25
दिनमान
10h 47m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:31 – 05:24
अभिजीत मुहूर्त
11:18 – 12:02 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:40 – 13:01
यमगंड
07:37 – 08:58
गुलिक काल
10:19 – 11:40

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:1707:11दिन
चंद्र07:1108:04दिन
शनि08:0408:58दिन
गुरु08:5809:52दिन
मंगल09:5210:46दिन
सूर्य10:4611:40दिन
शुक्र11:4012:34दिन
बुध12:3413:28दिन
चंद्र13:2814:22दिन
शनि14:2215:16दिन
गुरु15:1616:10दिन
मंगल16:1017:03दिन
सूर्य17:0318:10रात
शुक्र18:1019:16रात
बुध19:1620:22रात
चंद्र20:2221:28रात
शनि21:2822:34रात
गुरु22:3423:40रात
मंगल23:4000:46रात
सूर्य00:4601:52रात
शुक्र01:5202:59रात
बुध02:5904:05रात
चंद्र04:0505:11रात
शनि05:1106:17रात

अयनांश 24.2063° (लाहिड़ी)। समय हावड़ा (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।