24 अक्टूबर 2025 को हावड़ा का चौघड़िया

शुक्रवार, 24 अक्टूबर 2025, हावड़ा, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 24 अक्टूबर 2025 को हावड़ा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (01:20, 25 अक्टू॰ तक), नक्षत्र अनुराधा (07:51, 25 अक्टू॰ तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 05:37 पर और सूर्यास्त 17:04 पर है। राहुकाल 09:55 से 11:21 तक है।

दिन और रात
दिन 05:37 – 17:04
रात 05:37 तक
तिथि
तृतीया, 01:20 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
अनुराधा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:37 – 07:03सामान्य
लाभ07:03 – 08:29शुभ
अमृत08:29 – 09:55शुभ
काल09:55 – 11:21टालें
शुभ11:21 – 12:46शुभ
रोग12:46 – 14:12टालें
उद्वेग14:12 – 15:38टालें
चर15:38 – 17:04सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:04 – 18:38टालें
काल18:38 – 20:12टालें
लाभ20:12 – 21:47शुभ
उद्वेग21:47 – 23:21टालें
शुभ23:21 – 00:55शुभ
अमृत00:55 – 02:29शुभ
चर02:29 – 04:03सामान्य
रोग04:03 – 05:37टालें

24 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 01:20, 25 अक्टू॰ तक
शुक्ल चतुर्थी 03:48, 26 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
अनुराधा 07:51, 25 अक्टू॰ तक
योग
सौभाग्य 05:54, 25 अक्टू॰ तक
करण
तैतिल 12:03 तक
गर 01:20, 25 अक्टू॰ तक
वणिज 14:35, 25 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:37
सूर्यास्त
17:04
चंद्रोदय
07:53
चंद्रास्त
18:42
दिनमान
11h 27m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:57 – 04:47
अभिजीत मुहूर्त
10:58 – 11:43

अशुभ समय

राहुकाल
09:55 – 11:21
यमगंड
14:12 – 15:38
गुलिक काल
07:03 – 08:29

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:3706:34दिन
बुध06:3407:31दिन
चंद्र07:3108:29दिन
शनि08:2909:26दिन
गुरु09:2610:23दिन
मंगल10:2311:21दिन
सूर्य11:2112:18दिन
शुक्र12:1813:15दिन
बुध13:1514:12दिन
चंद्र14:1215:10दिन
शनि15:1016:07दिन
गुरु16:0717:04दिन
मंगल17:0418:07रात
सूर्य18:0719:10रात
शुक्र19:1020:12रात
बुध20:1221:15रात
चंद्र21:1522:18रात
शनि22:1823:21रात
गुरु23:2100:24रात
मंगल00:2401:26रात
सूर्य01:2602:29रात
शुक्र02:2903:32रात
बुध03:3204:35रात
चंद्र04:3505:37रात

अयनांश 24.2176° (लाहिड़ी)। समय हावड़ा (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।