24 दिसंबर 2025 को हावड़ा का चौघड़िया

बुधवार, 24 दिसंबर 2025, हावड़ा, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 24 दिसंबर 2025 को हावड़ा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (13:11 तक), नक्षत्र श्रवण (07:07 तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 06:13 पर और सूर्यास्त 16:59 पर है। राहुकाल 11:36 से 12:57 तक है।

दिन और रात
दिन 06:13 – 16:59
रात 06:14 तक
तिथि
चतुर्थी, 13:11 तक
पंचमी
नक्षत्र
धनिष्ठा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 दिसंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:13 – 07:34शुभ
अमृत07:34 – 08:55शुभ
काल08:55 – 10:15टालें
शुभ10:15 – 11:36शुभ
रोग11:36 – 12:57टालें
उद्वेग12:57 – 14:17टालें
चर14:17 – 15:38सामान्य
लाभ15:38 – 16:59शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग16:59 – 18:38टालें
शुभ18:38 – 20:17शुभ
अमृत20:17 – 21:57शुभ
चर21:57 – 23:36सामान्य
रोग23:36 – 01:16टालें
काल01:16 – 02:55टालें
लाभ02:55 – 04:34शुभ
उद्वेग04:34 – 06:14टालें

24 दिसंबर 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 13:11 तक
शुक्ल पंचमी 13:43, 25 दिस॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 07:07 तक
धनिष्ठा 08:18, 25 दिस॰ तक
योग
हर्षण 16:02 तक
वज्रअशुभ 15:13, 25 दिस॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 13:11 तक
बव 01:31, 25 दिस॰ तक
बालव 13:43, 25 दिस॰ तक
चंद्र राशि
मकर 19:46 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:13
सूर्यास्त
16:59
चंद्रोदय
09:22
चंद्रास्त
20:48
दिनमान
10h 45m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:27 – 05:20
अभिजीत मुहूर्त
11:15 – 11:58 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:36 – 12:57
यमगंड
07:34 – 08:55
गुलिक काल
10:15 – 11:36

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:1307:07दिन
चंद्र07:0708:01दिन
शनि08:0108:55दिन
गुरु08:5509:48दिन
मंगल09:4810:42दिन
सूर्य10:4211:36दिन
शुक्र11:3612:30दिन
बुध12:3013:24दिन
चंद्र13:2414:17दिन
शनि14:1715:11दिन
गुरु15:1116:05दिन
मंगल16:0516:59दिन
सूर्य16:5918:05रात
शुक्र18:0519:11रात
बुध19:1120:17रात
चंद्र20:1721:24रात
शनि21:2422:30रात
गुरु22:3023:36रात
मंगल23:3600:43रात
सूर्य00:4301:49रात
शुक्र01:4902:55रात
बुध02:5504:01रात
चंद्र04:0105:08रात
शनि05:0806:14रात

अयनांश 24.2200° (लाहिड़ी)। समय हावड़ा (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।