9 जनवरी 2026 को हावड़ा का चौघड़िया

शुक्रवार, 9 जनवरी 2026, हावड़ा, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 9 जनवरी 2026 को हावड़ा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (07:05 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (13:40 तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 06:18 पर और सूर्यास्त 17:09 पर है। राहुकाल 10:22 से 11:44 तक है।

दिन और रात
दिन 06:18 – 17:09
रात 06:18 तक
तिथि
सप्तमी
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी, 13:40 तक
हस्त
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

9 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:18 – 07:40सामान्य
लाभ07:40 – 09:01शुभ
अमृत09:01 – 10:22शुभ
काल10:22 – 11:44टालें
शुभ11:44 – 13:05शुभ
रोग13:05 – 14:26टालें
उद्वेग14:26 – 15:47टालें
चर15:47 – 17:09सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:09 – 18:47टालें
काल18:47 – 20:26टालें
लाभ20:26 – 22:05शुभ
उद्वेग22:05 – 23:44टालें
शुभ23:44 – 01:22शुभ
अमृत01:22 – 03:01शुभ
चर03:01 – 04:40सामान्य
रोग04:40 – 06:18टालें

9 जनवरी 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 07:05 तक
कृष्ण सप्तमी 08:24, 10 जन॰ तक
नक्षत्र
हस्त 15:39, 10 जन॰ तक
योग
शोभन 16:55 तक
अतिगंडअशुभ 16:58, 10 जन॰ तक
करण
वणिज 07:05 तक
विष्टि (भद्रा) 19:39 तक
बव 08:24, 10 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:18
सूर्यास्त
17:09
चंद्रोदय
22:59
चंद्रास्त
10:22
दिनमान
10h 50m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:33 – 05:26
अभिजीत मुहूर्त
11:22 – 12:05

अशुभ समय

राहुकाल
10:22 – 11:44
यमगंड
14:26 – 15:47
गुलिक काल
07:40 – 09:01

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:1807:13दिन
बुध07:1308:07दिन
चंद्र08:0709:01दिन
शनि09:0109:55दिन
गुरु09:5510:49दिन
मंगल10:4911:44दिन
सूर्य11:4412:38दिन
शुक्र12:3813:32दिन
बुध13:3214:26दिन
चंद्र14:2615:20दिन
शनि15:2016:14दिन
गुरु16:1417:09दिन
मंगल17:0918:14रात
सूर्य18:1419:20रात
शुक्र19:2020:26रात
बुध20:2621:32रात
चंद्र21:3222:38रात
शनि22:3823:44रात
गुरु23:4400:49रात
मंगल00:4901:55रात
सूर्य01:5503:01रात
शुक्र03:0104:07रात
बुध04:0705:13रात
चंद्र05:1306:18रात

अयनांश 24.2206° (लाहिड़ी)। समय हावड़ा (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।