31 जनवरी 2026 को हावड़ा का चौघड़िया

शनिवार, 31 जनवरी 2026, हावड़ा, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 31 जनवरी 2026 को हावड़ा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (08:26 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (01:34, 1 फ़र॰ तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 06:16 पर और सूर्यास्त 17:24 पर है। राहुकाल 09:03 से 10:26 तक है।

दिन और रात
दिन 06:16 – 17:24
रात 06:16 तक
तिथि
चतुर्दशी, 05:53 तक
नक्षत्र
पुनर्वसु, 01:34 तक
पुष्य
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

31 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:16 – 07:39टालें
शुभ07:39 – 09:03शुभ
रोग09:03 – 10:26टालें
उद्वेग10:26 – 11:50टालें
चर11:50 – 13:13सामान्य
लाभ13:13 – 14:37शुभ
अमृत14:37 – 16:00शुभ
काल16:00 – 17:24टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:24 – 19:00शुभ
उद्वेग19:00 – 20:37टालें
शुभ20:37 – 22:13शुभ
अमृत22:13 – 23:50शुभ
चर23:50 – 01:26सामान्य
रोग01:26 – 03:03टालें
काल03:03 – 04:39टालें
लाभ04:39 – 06:16शुभ

31 जनवरी 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 08:26 तक
शुक्ल चतुर्दशी 05:53, 1 फ़र॰ तक
पूर्णिमा 03:39, 2 फ़र॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 01:34, 1 फ़र॰ तक
पुष्य 23:58, 1 फ़र॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 13:33 तक
प्रीति 10:18, 1 फ़र॰ तक
करण
तैतिल 08:26 तक
गर 19:07 तक
वणिज 05:53, 1 फ़र॰ तक
विष्टि (भद्रा) 16:43, 1 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 20:01 तक
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:16
सूर्यास्त
17:24
चंद्रोदय
15:45
चंद्रास्त
04:51
दिनमान
11h 8m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:33 – 05:24
अभिजीत मुहूर्त
11:28 – 12:12

अशुभ समय

राहुकाल
09:03 – 10:26
यमगंड
13:13 – 14:37
गुलिक काल
06:16 – 07:39

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:1607:12दिन
गुरु07:1208:07दिन
मंगल08:0709:03दिन
सूर्य09:0309:59दिन
शुक्र09:5910:54दिन
बुध10:5411:50दिन
चंद्र11:5012:46दिन
शनि12:4613:41दिन
गुरु13:4114:37दिन
मंगल14:3715:33दिन
सूर्य15:3316:28दिन
शुक्र16:2817:24दिन
बुध17:2418:28रात
चंद्र18:2819:33रात
शनि19:3320:37रात
गुरु20:3721:41रात
मंगल21:4122:45रात
सूर्य22:4523:50रात
शुक्र23:5000:54रात
बुध00:5401:58रात
चंद्र01:5803:03रात
शनि03:0304:07रात
गुरु04:0705:11रात
मंगल05:1106:16रात

अयनांश 24.2214° (लाहिड़ी)। समय हावड़ा (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।