11 मार्च 2026 को हावड़ा का चौघड़िया

बुधवार, 11 मार्च 2026, हावड़ा, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 11 मार्च 2026 को हावड़ा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण अष्टमी (04:19, 12 मार्च तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (22:00 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 05:49 पर और सूर्यास्त 17:44 पर है। राहुकाल 11:47 से 13:16 तक है।

दिन और रात
दिन 05:49 – 17:44
रात 05:48 तक
तिथि
अष्टमी, 04:19 तक
नवमी
नक्षत्र
ज्येष्ठा, 22:00 तक
मूल
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 मार्च 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:49 – 07:19शुभ
अमृत07:19 – 08:48शुभ
काल08:48 – 10:17टालें
शुभ10:17 – 11:47शुभ
रोग11:47 – 13:16टालें
उद्वेग13:16 – 14:45टालें
चर14:45 – 16:15सामान्य
लाभ16:15 – 17:44शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:44 – 19:15टालें
शुभ19:15 – 20:45शुभ
अमृत20:45 – 22:16शुभ
चर22:16 – 23:46सामान्य
रोग23:46 – 01:17टालें
काल01:17 – 02:47टालें
लाभ02:47 – 04:18शुभ
उद्वेग04:18 – 05:48टालें

11 मार्च 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण अष्टमी 04:19, 12 मार्च तक
कृष्ण नवमी 06:29, 13 मार्च तक
नक्षत्र
मूल 00:43, 13 मार्च तक
योग
वज्रअशुभ 09:12 तक
सिद्धि 09:58, 12 मार्च तक
करण
बालव 15:08 तक
कौलव 04:19, 12 मार्च तक
तैतिल 17:27, 12 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:49
सूर्यास्त
17:44
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
10:37
दिनमान
11h 55m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:12 – 05:01
अभिजीत मुहूर्त
11:23 – 12:10 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:47 – 13:16
यमगंड
07:19 – 08:48
गुलिक काल
10:17 – 11:47

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:4906:49दिन
चंद्र06:4907:48दिन
शनि07:4808:48दिन
गुरु08:4809:48दिन
मंगल09:4810:47दिन
सूर्य10:4711:47दिन
शुक्र11:4712:46दिन
बुध12:4613:46दिन
चंद्र13:4614:45दिन
शनि14:4515:45दिन
गुरु15:4516:44दिन
मंगल16:4417:44दिन
सूर्य17:4418:44रात
शुक्र18:4419:45रात
बुध19:4520:45रात
चंद्र20:4521:45रात
शनि21:4522:46रात
गुरु22:4623:46रात
मंगल23:4600:47रात
सूर्य00:4701:47रात
शुक्र01:4702:47रात
बुध02:4703:48रात
चंद्र03:4804:48रात
शनि04:4805:48रात

अयनांश 24.2229° (लाहिड़ी)। समय हावड़ा (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।