18 जनवरी 2029 को हावड़ा का चौघड़िया

गुरुवार, 18 जनवरी 2029, हावड़ा, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 18 जनवरी 2029 को हावड़ा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (04:17, 19 जन॰ तक), नक्षत्र शतभिषा (22:32 तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 06:19 पर और सूर्यास्त 17:15 पर है। राहुकाल 13:09 से 14:31 तक है।

दिन और रात
दिन 06:19 – 17:15
रात 06:19 तक
तिथि
चतुर्थी, 04:17 तक
पंचमी
नक्षत्र
शतभिषा, 22:32 तक
पूर्वा भाद्रपद
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:19 – 07:41शुभ
रोग07:41 – 09:03टालें
उद्वेग09:03 – 10:25टालें
चर10:25 – 11:47सामान्य
लाभ11:47 – 13:09शुभ
अमृत13:09 – 14:31शुभ
काल14:31 – 15:53टालें
शुभ15:53 – 17:15शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:15 – 18:53शुभ
चर18:53 – 20:31सामान्य
रोग20:31 – 22:09टालें
काल22:09 – 23:47टालें
लाभ23:47 – 01:25शुभ
उद्वेग01:25 – 03:03टालें
शुभ03:03 – 04:41शुभ
अमृत04:41 – 06:19शुभ

18 जनवरी 2029 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 04:17, 19 जन॰ तक
शुक्ल पंचमी 06:40, 20 जन॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 22:32 तक
पूर्वा भाद्रपद 01:18, 20 जन॰ तक
योग
व्यतीपातअशुभ 07:56 तक
वरीयान 08:26, 19 जन॰ तक
करण
वणिज 15:12 तक
विष्टि (भद्रा) 04:17, 19 जन॰ तक
बव 17:26, 19 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:19
सूर्यास्त
17:15
चंद्रोदय
08:23
चंद्रास्त
20:30
दिनमान
10h 56m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:34 – 05:26
अभिजीत मुहूर्त
11:25 – 12:09

अशुभ समय

राहुकाल
13:09 – 14:31
यमगंड
06:19 – 07:41
गुलिक काल
09:03 – 10:25

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:1907:13दिन
मंगल07:1308:08दिन
सूर्य08:0809:03दिन
शुक्र09:0309:58दिन
बुध09:5810:52दिन
चंद्र10:5211:47दिन
शनि11:4712:42दिन
गुरु12:4213:36दिन
मंगल13:3614:31दिन
सूर्य14:3115:26दिन
शुक्र15:2616:20दिन
बुध16:2017:15दिन
चंद्र17:1518:20रात
शनि18:2019:26रात
गुरु19:2620:31रात
मंगल20:3121:36रात
सूर्य21:3622:42रात
शुक्र22:4223:47रात
बुध23:4700:52रात
चंद्र00:5201:57रात
शनि01:5703:03रात
गुरु03:0304:08रात
मंगल04:0805:13रात
सूर्य05:1306:19रात

अयनांश 24.2628° (लाहिड़ी)। समय हावड़ा (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।