24 अप्रैल 2029 को हावड़ा का चौघड़िया

मंगलवार, 24 अप्रैल 2029, हावड़ा, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 24 अप्रैल 2029 को हावड़ा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल दशमी (09:23 तक), नक्षत्र मघा (14:57 तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 05:09 पर और सूर्यास्त 18:00 पर है। राहुकाल 14:48 से 16:24 तक है।

दिन और रात
दिन 05:09 – 18:00
रात 05:08 तक
तिथि
दशमी, 09:23 तक
एकादशी
नक्षत्र
मघा, 14:57 तक
पूर्वा फाल्गुनी
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 अप्रैल 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:09 – 06:45टालें
उद्वेग06:45 – 08:22टालें
चर08:22 – 09:58सामान्य
लाभ09:58 – 11:35शुभ
अमृत11:35 – 13:11शुभ
काल13:11 – 14:48टालें
शुभ14:48 – 16:24शुभ
रोग16:24 – 18:00टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:00 – 19:24टालें
लाभ19:24 – 20:47शुभ
उद्वेग20:47 – 22:11टालें
शुभ22:11 – 23:34शुभ
अमृत23:34 – 00:58शुभ
चर00:58 – 02:21सामान्य
रोग02:21 – 03:45टालें
काल03:45 – 05:08टालें

24 अप्रैल 2029 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल दशमी 09:23 तक
शुक्ल एकादशी 06:37, 25 अप्रैल तक
नक्षत्र
मघा 14:57 तक
पूर्वा फाल्गुनी 12:49, 25 अप्रैल तक
योग
वृद्धि 19:47 तक
ध्रुव 16:12, 25 अप्रैल तक
करण
गर 09:23 तक
वणिज 20:04 तक
विष्टि (भद्रा) 06:38, 25 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:09
सूर्यास्त
18:00
चंद्रोदय
13:46
चंद्रास्त
01:42
दिनमान
12h 51m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:40 – 04:24
अभिजीत मुहूर्त
11:09 – 12:00

अशुभ समय

राहुकाल
14:48 – 16:24
यमगंड
08:22 – 09:58
गुलिक काल
11:35 – 13:11

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:0906:13दिन
सूर्य06:1307:18दिन
शुक्र07:1808:22दिन
बुध08:2209:26दिन
चंद्र09:2610:30दिन
शनि10:3011:35दिन
गुरु11:3512:39दिन
मंगल12:3913:43दिन
सूर्य13:4314:48दिन
शुक्र14:4815:52दिन
बुध15:5216:56दिन
चंद्र16:5618:00दिन
शनि18:0018:56रात
गुरु18:5619:52रात
मंगल19:5220:47रात
सूर्य20:4721:43रात
शुक्र21:4322:39रात
बुध22:3923:34रात
चंद्र23:3400:30रात
शनि00:3001:26रात
गुरु01:2602:21रात
मंगल02:2103:17रात
सूर्य03:1704:13रात
शुक्र04:1305:08रात

अयनांश 24.2665° (लाहिड़ी)। समय हावड़ा (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।