28 सितंबर 2029 को हावड़ा का चौघड़िया

शुक्रवार, 28 सितंबर 2029, हावड़ा, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 28 सितंबर 2029 को हावड़ा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (09:50 तक), नक्षत्र कृत्तिका (07:42 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 05:27 पर और सूर्यास्त 17:27 पर है। राहुकाल 09:57 से 11:27 तक है।

दिन और रात
दिन 05:27 – 17:27
रात 05:27 तक
तिथि
पंचमी, 09:50 तक
षष्ठी
नक्षत्र
रोहिणी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 सितंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:27 – 06:57सामान्य
लाभ06:57 – 08:27शुभ
अमृत08:27 – 09:57शुभ
काल09:57 – 11:27टालें
शुभ11:27 – 12:57शुभ
रोग12:57 – 14:27टालें
उद्वेग14:27 – 15:57टालें
चर15:57 – 17:27सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:27 – 18:57टालें
काल18:57 – 20:27टालें
लाभ20:27 – 21:57शुभ
उद्वेग21:57 – 23:27टालें
शुभ23:27 – 00:57शुभ
अमृत00:57 – 02:27शुभ
चर02:27 – 03:57सामान्य
रोग03:57 – 05:27टालें

28 सितंबर 2029 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 09:50 तक
कृष्ण षष्ठी 12:04, 29 सित॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 10:29, 29 सित॰ तक
योग
वज्रअशुभ 05:53 तक
सिद्धि 06:40, 29 सित॰ तक
करण
तैतिल 09:50 तक
गर 23:00 तक
वणिज 12:04, 29 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:27
सूर्यास्त
17:27
चंद्रोदय
21:00
चंद्रास्त
10:01
दिनमान
12h 0m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:51 – 04:39
अभिजीत मुहूर्त
11:03 – 11:51

अशुभ समय

राहुकाल
09:57 – 11:27
यमगंड
14:27 – 15:57
गुलिक काल
06:57 – 08:27

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:2706:27दिन
बुध06:2707:27दिन
चंद्र07:2708:27दिन
शनि08:2709:27दिन
गुरु09:2710:27दिन
मंगल10:2711:27दिन
सूर्य11:2712:27दिन
शुक्र12:2713:27दिन
बुध13:2714:27दिन
चंद्र14:2715:27दिन
शनि15:2716:27दिन
गुरु16:2717:27दिन
मंगल17:2718:27रात
सूर्य18:2719:27रात
शुक्र19:2720:27रात
बुध20:2721:27रात
चंद्र21:2722:27रात
शनि22:2723:27रात
गुरु23:2700:27रात
मंगल00:2701:27रात
सूर्य01:2702:27रात
शुक्र02:2703:27रात
बुध03:2704:27रात
चंद्र04:2705:27रात

अयनांश 24.2725° (लाहिड़ी)। समय हावड़ा (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।