16 अक्टूबर 2029 को हावड़ा का चौघड़िया

मंगलवार, 16 अक्टूबर 2029, हावड़ा, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 16 अक्टूबर 2029 को हावड़ा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल दशमी (05:23, 17 अक्टू॰ तक), नक्षत्र श्रवण (17:22 तक) और योग धृति है। सूर्योदय 05:33 पर और सूर्यास्त 17:10 पर है। राहुकाल 14:16 से 15:43 तक है।

दिन और रात
दिन 05:33 – 17:10
रात 05:34 तक
तिथि
दशमी, 05:23 तक
नक्षत्र
श्रवण, 17:22 तक
धनिष्ठा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 अक्टूबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:33 – 07:00टालें
उद्वेग07:00 – 08:28टालें
चर08:28 – 09:55सामान्य
लाभ09:55 – 11:22शुभ
अमृत11:22 – 12:49शुभ
काल12:49 – 14:16टालें
शुभ14:16 – 15:43शुभ
रोग15:43 – 17:10टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:10 – 18:43टालें
लाभ18:43 – 20:16शुभ
उद्वेग20:16 – 21:49टालें
शुभ21:49 – 23:22शुभ
अमृत23:22 – 00:55शुभ
चर00:55 – 02:28सामान्य
रोग02:28 – 04:01टालें
काल04:01 – 05:34टालें

16 अक्टूबर 2029 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल दशमी 05:23, 17 अक्टू॰ तक
शुक्ल एकादशी 06:38, 18 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 17:22 तक
धनिष्ठा 18:58, 17 अक्टू॰ तक
योग
धृति 07:11 तक
शूलअशुभ 06:43, 17 अक्टू॰ तक
करण
तैतिल 16:56 तक
गर 05:23, 17 अक्टू॰ तक
वणिज 17:57, 17 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:33
सूर्यास्त
17:10
चंद्रोदय
13:25
चंद्रास्त
00:12
दिनमान
11h 37m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:54 – 04:44
अभिजीत मुहूर्त
10:59 – 11:45

अशुभ समय

राहुकाल
14:16 – 15:43
यमगंड
08:28 – 09:55
गुलिक काल
11:22 – 12:49

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:3306:31दिन
सूर्य06:3107:30दिन
शुक्र07:3008:28दिन
बुध08:2809:26दिन
चंद्र09:2610:24दिन
शनि10:2411:22दिन
गुरु11:2212:20दिन
मंगल12:2013:18दिन
सूर्य13:1814:16दिन
शुक्र14:1615:14दिन
बुध15:1416:12दिन
चंद्र16:1217:10दिन
शनि17:1018:12रात
गुरु18:1219:14रात
मंगल19:1420:16रात
सूर्य20:1621:18रात
शुक्र21:1822:20रात
बुध22:2023:22रात
चंद्र23:2200:24रात
शनि00:2401:26रात
गुरु01:2602:28रात
मंगल02:2803:30रात
सूर्य03:3004:32रात
शुक्र04:3205:34रात

अयनांश 24.2732° (लाहिड़ी)। समय हावड़ा (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।