5 जनवरी 2025 को इम्फाल का चौघड़िया

रविवार, 5 जनवरी 2025, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 5 जनवरी 2025 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (20:15 तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (20:18 तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 05:59 पर और सूर्यास्त 16:39 पर है। राहुकाल 15:19 से 16:39 तक है।

दिन और रात
दिन 05:59 – 16:39
रात 06:00 तक
तिथि
षष्ठी, 20:15 तक
सप्तमी
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद, 20:18 तक
उत्तरा भाद्रपद
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 जनवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:59 – 07:19टालें
चर07:19 – 08:39सामान्य
लाभ08:39 – 09:59शुभ
अमृत09:59 – 11:19शुभ
काल11:19 – 12:39टालें
शुभ12:39 – 13:59शुभ
रोग13:59 – 15:19टालें
उद्वेग15:19 – 16:39टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ16:39 – 18:19शुभ
अमृत18:19 – 19:59शुभ
चर19:59 – 21:39सामान्य
रोग21:39 – 23:19टालें
काल23:19 – 00:59टालें
लाभ00:59 – 02:39शुभ
उद्वेग02:39 – 04:19टालें
शुभ04:19 – 06:00शुभ

5 जनवरी 2025 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 20:15 तक
शुक्ल सप्तमी 18:24, 6 जन॰ तक
नक्षत्र
योग
व्यतीपातअशुभ 07:32 तक
वरीयान 04:50, 6 जन॰ तक
परिघअशुभ 02:05, 7 जन॰ तक
करण
कौलव 09:09 तक
तैतिल 20:15 तक
गर 07:20, 6 जन॰ तक
चंद्र राशि
कुंभ 14:35 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:59
सूर्यास्त
16:39
चंद्रोदय
09:52
चंद्रास्त
22:05
दिनमान
10h 40m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:13 – 05:06
अभिजीत मुहूर्त
10:58 – 11:40

अशुभ समय

राहुकाल
15:19 – 16:39
यमगंड
11:19 – 12:39
गुलिक काल
13:59 – 15:19

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:5906:53दिन
शुक्र06:5307:46दिन
बुध07:4608:39दिन
चंद्र08:3909:33दिन
शनि09:3310:26दिन
गुरु10:2611:19दिन
मंगल11:1912:12दिन
सूर्य12:1213:06दिन
शुक्र13:0613:59दिन
बुध13:5914:52दिन
चंद्र14:5215:46दिन
शनि15:4616:39दिन
गुरु16:3917:46रात
मंगल17:4618:52रात
सूर्य18:5219:59रात
शुक्र19:5921:06रात
बुध21:0622:13रात
चंद्र22:1323:19रात
शनि23:1900:26रात
गुरु00:2601:33रात
मंगल01:3302:39रात
सूर्य02:3903:46रात
शुक्र03:4604:53रात
बुध04:5306:00रात

अयनांश 24.2065° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।